Vanya Sharma ने बैंकॉक में रचा इतिहास, दो स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया भारत का गौरव
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 06:13 PM (IST)
नारी डेस्क : भारत की युवा योगासन खिलाड़ी वान्या शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 4वीं UYSF एशिया पैसिफिक योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वान्या की इस उपलब्धि से भारत का गौरव बढ़ा है और उनके परिवार, प्रशिक्षकों और स्कूल में खुशी का माहौल है। बैंकॉक में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वान्या ने उप-कनिष्ठ वर्ग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और दो अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की।

दो स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन
वान्या शर्मा ने प्रतियोगिता की पारंपरिक योगासन स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कलात्मक एकल योगासन स्पर्धा में भी अपने संतुलन, लचीलेपन, एकाग्रता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया और दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतना वान्या के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया देश का मान
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतने की यह उपलब्धि वान्या की मेहनत और निरंतर अभ्यास को दर्शाती है। योगासन में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शरीर का संतुलन, लचीलापन, एकाग्रता और अनुशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वान्या की इस सफलता के पीछे उनकी नियमित साधना, अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण को अहम माना जा रहा है।

भारत की योग परंपरा को मिला नया मंच
योग भारत की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और अब योगासन को खेल के रूप में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी इस खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वान्या शर्मा की उपलब्धि भी इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आई है। उन्होंने बैंकॉक में दो स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय योगासन की मौजूदगी को भी मजबूत किया।

परिवार और प्रशिक्षकों में खुशी
वान्या की इस उपलब्धि से उनके परिवार और प्रशिक्षकों में खुशी का माहौल है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर दो स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए गर्व का पल है। वान्या की सफलता यह संदेश देती है कि कम उम्र में भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, अभ्यास निरंतर हो और मेहनत के साथ अनुशासन कायम रखा जाए, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

बैंकॉक में लहराया तिरंगा
बैंकॉक में दो स्वर्ण पदकों के साथ वान्या शर्मा ने भारत का तिरंगा ऊंचा किया। उनकी यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है और योगासन जैसे खेलों में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। वान्या शर्मा की दोहरी स्वर्णिम जीत ने भारत के लिए इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप को यादगार बना दिया।
वान्या शर्मा — भारत की शान, योगासन की युवा पहचान।

