ईरान-इजरायल जंग ने छीन ली यूपी के बेटे की जिंदगी, 7 दिन बाद घर पहुंचा शव

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 05:13 PM (IST)

 नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले 26 वर्षीय रवि गोपाल की मौत की खबर ने पूरे इलाके को गहरे दुख में डाल दिया। सऊदी अरब के रियाद शहर में मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई थी। बुधवार को उनका शव उनके पैतृक गांव बघाइन लाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई।शव गांव पहुंचते ही भावुक हुआ माहौल रवि गोपाल का शव लखनऊ एयरपोर्ट पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एंबुलेंस से महमूदाबाद लाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर तैनात रही, ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे।

मिसाइल हमले में हुई दर्दनाक मौत

रवि गोपाल पिछले साल 18 सितंबर 2025 को अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सऊदी अरब के रियाद गए थे, जहां वह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। 18 मार्च की रात वह अपनी पत्नी रितु से फोन पर बात कर रहे थे। उसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और फोन कट गया। अगले दिन परिजनों को सूचना मिली कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी पत्नी, माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए।

प्रशासन के प्रयास से भारत लाया गया शव

रवि गोपाल के शव को भारत लाने के लिए प्रशासन ने काफी प्रयास किए। जिलाधिकारी डॉ. राजा रणपति आर ने दिल्ली और रियाद स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखा। दूतावास से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने के बाद शव को रियाद से लखनऊ भेजा गया। बुधवार सुबह करीब 7:45 बजे फ्लाइट लखनऊ पहुंची। इसके बाद सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।

नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

गांव पहुंचने के बाद रवि गोपाल का अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े भाई मनमोहन ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। कई स्थानीय नेता और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।

परिवार ने की आर्थिक मदद की मांग

रवि गोपाल अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके ऊपर पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी थी। उनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है और आर्थिक संकट में आ गया है। ऐसे में परिजनों ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

रवि गोपाल की मौत सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए बड़ा सदमा है। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गए एक युवक की इस तरह दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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