बहू की मौत के बाद सास ने किसको किए 46 Calls? ट्विशा के परिवार ने गिरिबाला सिंह की खोली पाेल
punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 02:20 PM (IST)
नारी डेस्क: मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल-2 की जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। यह आदेश तब आया जब कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में उनके और उनके बेटे के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। यह मामला 12 मई को भोपाल स्थित गिरिबाला सिंह के आवास पर उनकी बहू ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या के बाद दर्ज किया गया था। ट्विशा के परिवार ने दहेज उत्पीड़न और क्रूरता का आरोप लगाया है।
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ट्विशा की सास के सभी दावे निकले झूठे
इसी बीच ट्विशा की एक वीडियो सामने आई है, जिसमें वह काफी खुश नजर आ रही है। इस वीडियो ने उन दावों की पोल खोल दी जो उसकी सास ने किए थे। गिरिबाला सिंह का कहना था कि उनकी बहू डिप्रेशन में थी। पूरे वीडियो में ट्विशा के चेहरे पर एक स्वाभाविक मुस्कान है और वह कहीं से भी तनावग्रस्त, डिप्रेशन में या परेशान नहीं दिख रहीं। इतना ही नहीं ट्विशा के परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन उसकी सास गिरिबाला ने कई फोन किए थे।
गिरिबाला की फोन डिटेल चेक करने की मांग
दावा किया जा रहा है कि गिरिबाला की 46 इनफ्लुएंशल लोगों के नंबर पर बात हुई थी। जिनमें से कुछ नंबर ज्यूडिशरी से जुड़े लोगों मसलन जज और जस्टिस स्तर के लोगों के हैं। परिवार का दावा है कि 13 मई को ही सीसीटीवी फुटेज इंस्टॉल करने वाले युवकों को भी गिरिबाला के नंबर से फोन किए गए हैं। ट्विशा के परिवार ने मांग की है कि इन सभी नंबर्स की जांच की जाएं और इनसे संबंधित समस्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच हो। गिरिबाला सिंह फरवरी 2023 में भोपाल जिला न्यायालय से प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें भोपाल-2 के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां वह वर्तमान में कार्यरत हैं, दावा किया जा रहा है कि उनसे ये पद छीन लिया जाएगा।
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फरारा है ट्विशा का पति
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस मामले पर जनता और राजनीतिक हलकों का ध्यान लगातार बढ़ रहा है। पीड़िता के परिवार ने संस्थागत प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए बार-बार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है। गिरिबाला सिंह को भोपाल ज़िला अदालत से पहले ही अंतरिम ज़मानत मिल चुकी है। उनका बेटा समर्थ सिंह अभी भी फ़रार है, और अदालत ने उसकी अंतरिम ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। पुलिस ने उसकी गिरफ़्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

