सलाम है इस सोच को ! बेटी की शादी पर करोड़ों बहाने की बजाय बिजनेसमैन ने 90 परिवारों के लिए बनाए घर
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 02:33 PM (IST)
नारी डेस्क: भारत में शादियाें पर पानी की तरह पैसा बहाने का चलन काफी तेजी से चल रहा है। अब हर 4 में से 1 शादी डेस्टिनेशन वेडिंग (Destination Wedding) होती है, जिसका खर्चा भी खूब होता है। बॉलीवुड और मशहूर हस्तियों की शादियों से प्रेरित होकर बड़े- बड़े बिजनेसमेन भी अपने घर की शादियों पर खब पैसा लगाते हैं ताकि देश में उनका नाम हो। आज हम एक ऐसे भारतीय व्यवसायी की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने ऐशो-आराम के बजाय इंसानियत को चुना। अपने बेटी की शादी पर करोड़ों बहाने की बजाय उन्होंने गरीबों के लिए अपना खजाना खोल दिया

हम प्रेरणादायक कहानी का जिक्र कर रहे हैं, वह अजय मुनोट नाम के एक भारतीय व्यवसायी की। 2016 में, अपनी बेटी की भव्य शादी पर लगभग करीब ₹80 लाख खर्च खर्च करने के बजाय उन्होंने अपनी पूरी शादी की रकम औरंगाबाद में स्थानीय बेघर परिवारों के लिए 90 छोटे घर बनाने में लगा दी। पूर्वी भारत में गेहूं और कपड़े के थोक व्यापारी अजय मुनोट ने, अपने इलाके के ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने के मकसद से, बेघर लोगों को 90 घर दान किए।

अपने पिता के इस नेक विचार का बेटी ने भी पूरा समर्थन किया और अपनी शादी के तुरंत दूल्हा-दुल्हन ने खुद अपने हाथों से निवासियों को घर की चाबियां सौंपी। इन घरों में बिजली, पानी और हवा आने-जाने का सही इंतज़ाम था, जिससे दर्जनों परिवारों को ज़िंदगी की एक नई शुरुआत मिली। मिस्टर मुनोट ने आस-पास की झुग्गी-बस्तियों का दौरा किया और खुद ही उन लोगों को चुना जिन्हें ये घर दिए जाने थे। योजना 108 घर बनाने की थी, लेकिन शादी के समय तक सिर्फ़ 90 घर ही बनकर तैयार हो पाए थे।

अजय मुनोट ने अपने फैसले को लेकर कहा था- जो लोग भी उनकी तरह संपन्न हैं, उन्हें अपनी दौलत दूसरों के साथ बांटनी चाहिए, ताकि दूसरे लोग भी एक सामान्य ज़िंदगी जी सकें। उन्होंने कहा था- "यह इतिहास का एक नया अध्याय है और मुझे उम्मीद है कि दूसरे अमीर समुदाय भी इसी सोच को अपनाएंगे।"

