ममता की तरह बंगाल के नए CM भी हैं कुंवारे, इस बड़ी वजह से Suvendu Adhikari ने नहीं की शादी

punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 12:41 PM (IST)

नारी डेस्क: पश्चिम बंगाल को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। पहली बार  BJP मुख्यमंत्री के हाथ बंगाल की कमान आ गई है।  सुवेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह एक ऐतिहासिक क्षण है। उनका यह उदय, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दो हाई-प्रोफाइल चुनावी जीतों के बाद हुआ है, जिसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल दिया है। नए सीएम की नीजी जिंदगी की बात करें तो ममता बनर्जी की तरह ही शादी नहीं की है। चलिए जानते हैं उनके शादी ना करने से जुड़ी कहानी के बारे में । 

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ममता बनर्जी को दी कई बार हार

अधिकारी को राजनीतिक गलियारों में दिग्गजों को हराने वाला (giant slayer) कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने चुनाव में ममता बनर्जी को कई बार हराया है। अधिकारी ने सबसे पहले 2021 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट से बनर्जी को बहुत कम वोटों के अंतर से हराया था, यह हाल के वर्षों के सबसे ज़्यादा चर्चित चुनावी मुकाबलों में से एक था।  बाद में, उन्होंने 2026 के चुनावों में भवानीपुर सीट से एक और बड़ी जीत हासिल की, जिसमें उन्होंने 15,000 से ज़्यादा वोटों से जीत दर्ज की। इस नतीजे को बनर्जी के पारंपरिक गढ़ में उनके लिए एक बड़ा झटका माना गया, और इसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरे के तौर पर अधिकारी की स्थिति को और मज़बूत कर दिया।


इसलिए बंगाल के नए सीएम ने नहीं की शादी

2021 की एक इंटरव्यू में सुवेंदु अधिकारी ने कहा- "मैं अविवाहित हूं, और अविवाहित रहने का सबसे अच्छा पहलू यह है कि मेरे पास काम के लिए बहुत समय होता है और कोई निजी ज़िम्मेदारियां नहीं होतीं।" उन्होंने अपने इस निजी फ़ैसले को राजनीति के प्रति अपनी पुरानी प्रतिबद्धता से भी जोड़ा और बताया कि उन्होंने 1987 में NSU के साथ छात्र राजनीति में कदम रखा था और तब से वे सार्वजनिक जीवन के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे हैं। अपने प्रेरणास्रोतों के बारे में बात करते हुए उन्होंने सतीश सामंत, सुशील धारा और अजय मुखर्जी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने उनकी आत्मकथाएंं पढ़ी हैं और उनके जनसेवा के कार्यों से प्रेरणा ली है। उन्होंने आगे कहा- "वे तीनों ही अविवाहित रहे, और मैंने भी उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अविवाहित रहने का फ़ैसला किया है।"

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बंगाल के पहले भी सीएम  हैं कुंवारे 

अधिकारी ने आगे बताया था कि उनके माता-पिता का स्वास्थ्य अच्छा है और उनकी देखभाल करना उनकी ही ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा- "परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश करना, दूसरों के ज़रिए अपने राजनीतिक हितों को साधना, या किसी और के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करना ये सब इसके नुकसान हैं। इसीलिए मुझे लगता है कि मैं जो कर रहा हूं वह बिल्कुल सही है।" सुवेंदु या ममता ही ऐसे नहीं हैं, जो बंगाल के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं और अविवाहित हैं। उनसे पहले तीन और बंगाल के मुख्यमंत्री अविवाहित ही थे। जिसमें से बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय जीवन भर अविवाहित रहे।


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vasudha

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