सरकार का नया नियम- टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स पर भी दिखेगा Veg-Non Veg का सिंबल
punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 12:06 PM (IST)
नारी डेस्क: जब भी हम खाने-पीने की कोई पैक्ड चीज खरीदते हैं, तो अक्सर पैकेट पर बना हरा या लाल निशान देखकर यह समझ जाते हैं कि प्रोडक्ट शाकाहारी है या मांसाहारी। लेकिन क्या आपने कभी अपने साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट के पैकेट पर भी ऐसा निशान देखा है? दरअसल, भारत में सिर्फ खाने की चीजों पर ही नहीं, बल्कि साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स और दूसरी टॉयलेटरी प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग पर भी उनके वेज या नॉन-वेज होने की जानकारी देने का प्रावधान है। यह नियम नया नहीं है, बल्कि Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 में 2014 में जोड़ा गया था।
पैकेट पर हरा और लाल-भूरा निशान क्या बताता है?
नियम के मुताबिक, अगर किसी साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री शाकाहारी मूल की है, तो पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल पर हरा बिंदु लगाया जाता है। वहीं, अगर प्रोडक्ट में नॉन-वेज मूल की सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो लाल या भूरा बिंदु लगाया जाता है। इसका मकसद ग्राहक को प्रोडक्ट की प्रकृति के बारे में आसानी से जानकारी देना है।
किन प्रोडक्ट्स पर लागू होता है यह प्रावधान
यह लेबलिंग प्रावधान खास तौर पर पैक किए गए साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और अन्य कॉस्मेटिक्स व टॉयलेटरी प्रोडक्ट्स पर लागू होता है। यानी अगली बार पर्सनल केयर प्रोडक्ट खरीदते समय सिर्फ उसकी कीमत, खुशबू या ब्रांड ही न देखें, बल्कि पैकेजिंग पर बने इस निशान पर भी ध्यान दे सकते हैं। इसमें रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें शामिल हो सकती हैं, जैसे साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और दूसरे कॉस्मेटिक व टॉयलेटरी सामान।
क्यों जरूरी है यह जानकारी
कई लोगों के लिए यह जानना जरूरी होता है कि किसी प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री किस स्रोत से आई है। खाने की चीजों में वेज-नॉन-वेज पहचानना काफी आम है, लेकिन पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के मामले में लोग अक्सर पैकेट पर मौजूद इस जानकारी को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में पैकेज पर दिया गया हरा या लाल-भूरा निशान ग्राहक को खरीदारी के समय एक आसान संकेत देता है। इसके अलावा, प्रोडक्ट की पूरी सामग्री जानने के लिए पैकेज पर दी गई ingredient list भी पढ़ना जरूरी है।
खरीदारी करते समय रखें ध्यान
अगर आप किसी खास तरह के पर्सनल केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो खरीदने से पहले पैकेजिंग को ध्यान से देखें। वेज या नॉन-वेज निशान के साथ-साथ सामग्री की सूची, निर्माता की जानकारी और दूसरी जरूरी घोषणाएं भी पढ़ें। ध्यान रखने वाली बात यह है कि Veg/Non-Veg निशान का प्रावधान नया नहीं है। केंद्र सरकार के आधिकारिक Legal Metrology रिकॉर्ड में इसका प्रावधान 2014 से दर्ज है। इसलिए इसे हाल में लागू हुआ नया नियम बताने के बजाय मौजूदा पैकेजिंग नियम के तौर पर समझना ज्यादा सही है।

