सफेद-लाल साड़ी के साथ जचेंगे आलता के ये डिजाइन, दुर्गा अष्टमी पर दिखेंगी सबसे खूबसूरत
punjabkesari.in Saturday, Oct 17, 2026 - 04:17 PM (IST)
नारी डेस्क: दुर्गा अष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा के लिए महिलाएं पारंपरिक कपड़ों और खूबसूरत श्रृंगार से अपने लुक को खास बनाती हैं। अगर आप भी इस बार महाअष्टमी पर बंगाली लुक अपनाने की सोच रही हैं, तो अपने श्रृंगार में आलता जरूर शामिल करें। हाथों और पैरों पर लगाया जाने वाला गहरा लाल आलता बंगाली परंपरा का अहम हिस्सा है। खासकर सफेद साड़ी पर लाल बॉर्डर, बड़ी लाल बिंदी, सोने के गहने और पैरों में आलता का मेल बेहद खूबसूरत लगता है। आलता लगाने के लिए जरूरी नहीं कि आप सिर्फ उंगलियों के सिरों को ही लाल रंग से सजाएं। आजकल फूलों, गोलाकार आकृतियों और पारंपरिक अल्पना से प्रेरित कई डिजाइन पसंद की जा रही हैं। ये डिजाइन हाथों और पैरों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आपके पूरे लुक में पारंपरिक बंगाली अंदाज भी जोड़ देती हैं। अगर आप इस दुर्गा अष्टमी कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं, तो आलता की ये 8 खूबसूरत डिजाइन आपके काम आ सकती हैं।
कमल के फूल वाली आलता डिजाइन (Lotus Alta Design)
कमल का फूल खूबसूरती और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में दुर्गा अष्टमी पर कमल के फूल वाली आलता डिजाइन हाथों और पैरों, दोनों पर अच्छी लगेगी। इसमें हथेली या पैर के बीचोंबीच एक बड़ा कमल बनाया जाता है। इसकी पंखुड़ियों को बारीक लाल रेखाओं से सजाया जाता है, जिससे डिजाइन और भी सुंदर दिखाई देती है। अगर आप चाहें, तो कमल के आसपास छोटी-छोटी पंखुड़ियां और बिंदियां भी बना सकती हैं। यह डिजाइन उन महिलाओं के लिए अच्छी है, जिन्हें हाथों और पैरों पर थोड़ा भरा हुआ पारंपरिक पैटर्न पसंद है। सफेद या लाल बॉर्डर वाली साड़ी के साथ यह डिजाइन आपके बंगाली लुक को खास बना सकती है।

बंगाली अल्पना स्टाइल आलता (Bengali Alpana Alta Design)
बंगाल में त्योहारों और शुभ अवसरों पर अल्पना बनाने की पुरानी परंपरा है। आमतौर पर इसमें सफेद रंग से जमीन पर खूबसूरत आकृतियां बनाई जाती हैं। इसी पारंपरिक कला से प्रेरित होकर हाथों और पैरों पर आलता की मदद से भी आकर्षक डिजाइन बनाई जा सकती है। इस डिजाइन में घुमावदार रेखाएं, छोटे गोले, पत्तियां और फूलों जैसी आकृतियां बनाई जाती हैं। आप हथेली के बीच से डिजाइन शुरू करके उसे उंगलियों की ओर बढ़ा सकती हैं। पैरों पर भी पंजों के आसपास अल्पना से मिलता-जुलता पैटर्न बनाया जा सकता है। अगर आपको मेहंदी की जगह कुछ अलग और पारंपरिक ट्राई करना है, तो यह डिजाइन अच्छा विकल्प है।
मंडला स्टाइल आलता डिजाइन (Mandala Alta Design)
मंडला डिजाइन पसंद करने वाली महिलाओं के लिए यह पैटर्न काफी खूबसूरत रहेगा। इसमें हथेली के बीच में एक छोटा गोला बनाकर उसके चारों ओर गोल घेरे, पंखुड़ियां और बारीक घुमावदार रेखाएं बनाई जाती हैं। हर घेरे में अलग-अलग पैटर्न रखने से डिजाइन और भी आकर्षक लगती है। इस तरह की डिजाइन हाथों के बीचोंबीच बनाई जाए, तो यह देखने में काफी सुंदर लगती है। आप इसे पैरों के ऊपरी हिस्से पर भी बनवा सकती हैं। अगर आप भारी डिजाइन के बजाय एक ऐसी आकृति चाहती हैं जो पारंपरिक भी हो और देखने में सलीकेदार भी लगे, तो मंडला स्टाइल आलता ट्राई कर सकती हैं।
उंगलियों पर लगाएं सिंपल आलता (Simple Alta Design)
अगर आपको ज्यादा डिजाइन पसंद नहीं हैं या आपके पास तैयार होने के लिए कम समय है, तो उंगलियों पर आलता लगाना सबसे आसान तरीका है। इसमें हाथों और पैरों की उंगलियों के सिरों पर गहरा लाल आलता लगाया जाता है। आप चाहें तो हथेली के बीच में एक छोटा गोला बनाकर इसे थोड़ा अलग अंदाज दे सकती हैं। यह डिजाइन बनाने में आसान है और पारंपरिक साड़ी से लेकर एथनिक सूट तक के साथ अच्छी लगती है। खास बात यह है कि इसके लिए ज्यादा कारीगरी की जरूरत नहीं होती। अगर आप पहली बार आलता लगा रही हैं, तो इस सिंपल डिजाइन से शुरुआत कर सकती हैं।

पंजों और हथेलियों पर पारंपरिक आलता डिजाइन
हाथों और पैरों पर गहरा लाल आलता लगाने का पारंपरिक तरीका आज भी काफी पसंद किया जाता है। इसमें पैरों के पंजों और उंगलियों पर आलता लगाया जाता है। चांदी की पायल और बिछिया के साथ इसका मेल बेहद सुंदर दिखाई देता है। वहीं, हाथों की उंगलियों और हथेलियों पर आलता लगाने से श्रृंगार में पारंपरिक रंग जुड़ जाता है। अगर आप दुर्गा अष्टमी पर सादगी के साथ बंगाली लुक पाना चाहती हैं, तो इस डिजाइन को आजमा सकती हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आप बहुत जटिल पैटर्न बनाएं। साफ-सुथरे तरीके से लगाया गया आलता भी आपके पारंपरिक लुक को निखार सकता है।
लाल और सफेद बॉर्डर वाली आलता डिजाइन (Red and White Border Alta Design)
अगर आप पैरों को थोड़ा अलग और आकर्षक लुक देना चाहती हैं, तो लाल आलता के साथ सफेद रंग की बारीक कारीगरी वाली डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें पंजों पर गहरा लाल आलता लगाया जाता है और किनारों पर सफेद रंग से छोटे-छोटे डॉट्स और मेहराब जैसी आकृतियां बनाई जाती हैं। पैर के ऊपरी हिस्से पर लाल और सफेद रंग से गोल फूल या चक्र जैसा पैटर्न बनाया जा सकता है। लाल और सफेद रंग का यह मेल देखने में बेहद सुंदर लगता है। लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी, चांदी की पायल और पारंपरिक गहनों के साथ यह डिजाइन खास तौर पर अच्छी लगेगी।
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लाल-सफेद फूलों और बिंदियों वाली आलता डिजाइन
अगर आपको बारीक कारीगरी पसंद है, तो लाल और सफेद बिंदियों से बनी यह डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। इसमें पैर की उंगलियों से लेकर ऊपरी हिस्से तक बिंदियों की सीधी कतार बनाई जाती है। ये कतारें बीच में बने गोल फूल या चक्र जैसी आकृति से जुड़ती हैं। लाल आलता के साथ सफेद रंग से छोटे फूल और बिंदियां बनाने पर डिजाइन में खूबसूरत कंट्रास्ट दिखाई देता है। यह पैटर्न साधारण आलता से थोड़ा अलग है और पैरों को सजा हुआ लुक देता है। अगर आप पारंपरिक सफेद साड़ी पर लाल बॉर्डर पहन रही हैं, तो यह डिजाइन आपके पूरे श्रृंगार के साथ अच्छी तरह मेल खाएगी।
पायल जैसी आलता डिजाइन (Anklet Style Alta Design)
पैरों को सजाने के लिए आलता की पायल जैसी डिजाइन भी अच्छा विकल्प है। इसमें पैर की उंगलियों के सिरों और एड़ी के आसपास आलता से पतली-पतली रेखाएं या गोल घेरे बनाए जाते हैं। कुछ महिलाएं टखने के पास भी आलता से पायल जैसा पैटर्न बनवाना पसंद करती हैं। लाल सिल्क या कांजीवरम साड़ी के साथ यह डिजाइन बेहद खूबसूरत लग सकती है। इसमें ज्यादा भरी हुई कारीगरी की जरूरत नहीं होती, फिर भी पैरों को सजा हुआ पारंपरिक लुक मिलता है। दुर्गा अष्टमी की पूजा के लिए तैयार होते समय आप अपनी पसंद के अनुसार इस डिजाइन को हल्का या थोड़ा विस्तृत रख सकती हैं।
आलता लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
आलता लगाते समय कई बार इसकी रेखाएं फैल जाती हैं या डिजाइन साफ नहीं बन पाती। ऐसे में कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से आपको बेहतर परिणाम मिल सकता है।
बारीक ब्रश का इस्तेमाल करें: फूलों, बिंदियों और घुमावदार रेखाओं वाली डिजाइन बनाने के लिए पतले ब्रश या साफ ईयरबड की मदद लें।
त्वचा साफ रखें: आलता लगाने से पहले हाथों और पैरों को साफ करके अच्छी तरह सुखा लें। त्वचा पर तेल या क्रीम की मोटी परत होने से डिजाइन फैल सकती है।
सूखने का समय दें: आलता लगाने के बाद उसे कुछ मिनट सूखने दें। सूखने तक हाथों-पैरों को पानी और कपड़ों के सीधे संपर्क से बचाएं।
पहले छोटा पैच टेस्ट करें: अगर आप पहली बार किसी नए आलता उत्पाद का इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। जलन, खुजली या लालिमा होने पर उसका इस्तेमाल न करें।

अपनी पसंद के अनुसार डिजाइन चुनें: अगर आपको सादगी पसंद है, तो सिर्फ उंगलियों पर आलता लगाएं। वहीं, ज्यादा पारंपरिक लुक के लिए कमल, अल्पना या मंडला डिजाइन चुन सकती हैं।
दुर्गा अष्टमी पर आलता से पाएं खूबसूरत बंगाली लुक
दुर्गा अष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा के लिए तैयार होते समय आलता आपके पारंपरिक श्रृंगार को एक खास अंदाज दे सकता है। सफेद साड़ी पर लाल बॉर्डर, माथे पर लाल बिंदी, पारंपरिक गहने और हाथों-पैरों पर सजा आलता मिलकर खूबसूरत बंगाली लुक तैयार करते हैं। आप चाहें तो कमल या अल्पना जैसी डिजाइन चुनें या फिर उंगलियों पर सिंपल आलता लगाएं। अपनी पसंद और पहनावे के हिसाब से चुनी गई डिजाइन आपके त्योहार के लुक को खास बना सकती है।

