दिल में छेद के साथ क्यों पैदा होते हैं कुछ बच्चे? पहले समझिए इसका कारण फिर ढूंढे इलाज

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 12:00 PM (IST)

नारी डेस्क: कुछ बच्चों के जन्म के समय ही दिल में छेद होना सुनकर डर लगता है, लेकिन यह एक आमजन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Defect) में से एक है। सही समय पर पहचान और इलाज से बच्चा बिल्कुल सामान्य जीवन जी सकता है। छोटे छेद अक्सर अपने आप ठीक हो जाते हैं, जबकि बड़े छेदों के लिए कैथेटर (डिवाइस) या ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता होती है। आइए समझते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

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जन्म से ही दिल में छेद होने के कारण 

बच्चे का दिल गर्भ में ही बनता है। अगर इस दौरान दिल की दीवार (सेप्टम) पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती, तो उसमें छोटा या बड़ा छेद रह जाता है। इसका मुख्य कारण जेनेटिक  (परिवार में पहले किसी को समस्या होना) है।  प्रेग्नेंसी में इंफेक्शन(जैसे रूबेला), कुछ दवाइयों या नशे का असर पोषण की कमी या अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण यह समस्या होती है। 


 दिल में छेद कितने प्रकार के होते हैं?

ASD (Atrial Septal Defect) दिल के ऊपर वाले हिस्से में छेद, VSD (Ventricular Septal Defect) नीचे वाले हिस्से में छेद। कुछ छोटे छेद समय के साथ खुद भी बंद हो जाते हैं


 बच्चे में दिल में छेद के लक्षण

 नवजात या छोटे बच्चों में:

- सांस लेने में दिक्कत या तेज सांस
- दूध पीते समय जल्दी थक जाना
-होंठ या नाखून नीले पड़ना (ऑक्सीजन की कमी)
-वजन ठीक से न बढ़ना

 थोड़े बड़े बच्चों में:

- जल्दी थक जाना
-खेलने में कमजोरी
-बार-बार छाती में संक्रमण (इन्फेक्शन)

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 कैसे होता है इसका इलाज 

 स्टेथोस्कोप से दिल की आवाज (मर्मर) सुनना, Echocardiography (2D Echo), X-ray या ECG से इसकी पहचान हो सकती है।  छोटे छेद कई बार अपने आप ठीक हो जाते हैं सिर्फ निगरानी की जरूरत होती है। कुछ मामलों में दवाओं से लक्षण कंट्रोल किए जाते हैं। बड़े छेद को बंद करने के लिए ऑपरेशन या बिना कट के प्रक्रिया की जाती है, आजकल ये इलाज काफी सुरक्षित और सफल हैं। दिल में छेद होना गंभीर जरूर है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बच्चा पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है।


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vasudha

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