क्या सच में Nirma Washing Powder की पैकिंग पर दिखने वाली लड़की इनकी की बेटी थीं?
punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 05:40 PM (IST)
नारी डेस्क : 'वाशिंग पाउडर निरमा...' यह जिंगल आज भी करोड़ों भारतीयों की यादों का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि निरमा के पैकेट पर बनी सफेद फ्रॉक वाली लड़की कौन है? इसे लेकर कई सालों से एक भावुक कहानी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल होती रही है। 90 के दशक में शायद ही कोई ऐसा घर रहा हो, जहां 'वाशिंग पाउडर निरमा' का जिंगल न गूंजा हो। यह विज्ञापन जितना लोकप्रिय हुआ, उतनी ही चर्चा उस पैकेट पर बनी मुस्कुराती हुई लड़की की भी होने लगी। चलिए जानते है इस निरमा की कैसे शुरूआत हुई और वह लड़की कौन थी।
कौन थीं 'निरमा' वाली मुस्कुराती हुई लड़की
वह लड़की कंपनी के संस्थापक करसनभाई पटेल की बेटी थीं। जिनका नाम करसनभाई पटेल था जो गुजरात के रहने वाले थे। करसनभाई पटेल ने 24 साल की उम्र में अपने घर के पिछवाड़े में सोडा ऐश मिलाना शुरू किया और एक छोटे से 10 गुणा 10 फीट के कमरे में प्रयोग करने लगे। बता दें की साल 1969 में बेहद कम लागत में डिटर्जेंट पाउडर बनाने का काम शुरू किया। उनकी बेटी का नाम निरुपमा था, जिन्हें परिवार प्यार से 'निरमा' कहकर बुलाता था। इसी नाम से उन्होंने अपने डिटर्जेंट ब्रांड की शुरुआत की।

क्या बेटी की याद में रखा गया था ब्रांड का नाम?
सोशल मीडिया और कई लेखों में यह दावा किया जाता है कि करसनभाई पटेल की बेटी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी और उनकी याद को हमेशा जीवित रखने के लिए उन्होंने अपने डिटर्जेंट का नाम 'निरमा' रखा तथा पैकेट पर उनकी मुस्कुराती हुई तस्वीर छपवाई।
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कैसे शुरू हुई निरमा की सफलता?
शुरुआत में करसनभाई पटेल सरकारी नौकरी करते थे और ऑफिस जाने के लिए 15 किलोमीटर की साइकिल यात्रा के दौरान, वह घर-घर जाकर पैकेट बेचता था। दिन में सिर्फ 15 से 20 पैकेट। उसकी कीमत? 3.50 रुपये, जबकि सर्फ की कीमत 13 रुपये थी। बता दें की तीन साल बाद, करसनभाई ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी।

'वाशिंग पाउडर निरमा' जिंगल ने बदल दी किस्मत
फिर आया वो गाना जिसे भारत कभी नहीं भूलेगा, वाशिंग पाउडर निरमा। निरमा की सबसे बड़ी पहचान उसका यादगार विज्ञापन और जिंगल बना। देशभर में इतना लोकप्रिय हुआ कि यह ब्रांड घर-घर में पहुंच गया। टीवी विज्ञापन के वायरल होते ही, उसने चुपचाप अपना अधिकांश स्टॉक दुकानों से हटा लिया। कई हफ्तों तक मांग बढ़ती रही। फिर उसने बाजार में भारी मात्रा में उत्पाद उतार दिए। निरमा ने सर्फ को भी पीछे छोड़ दिया। विज्ञापन ने न केवल बिक्री बढ़ाई बल्कि भारतीय विज्ञापन जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
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आज भी क्यों याद किया जाता है निरमा?
कम कीमत, प्रभावी मार्केटिंग और यादगार विज्ञापन की बदौलत निरमा भारत के सबसे सफल घरेलू ब्रांड्स में शामिल हो गया। आज भी इसका जिंगल और पैकेट पर बनी सफेद फ्रॉक वाली लड़की लोगों की यादों का हिस्सा है।

