मां तो आखिर मां होती है! शहीद बेटे को ठंड से बचाने के लिए मूर्ति पर ओढ़ाया कंबल
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 12:17 PM (IST)
नारी डेस्क: यह तो हम सभी जानते हैं कि एक बच्चे की इस दुनिया में मां से ज्यादा कोई प्यार नहीं करता। मां अपने बच्चे की खुशियों के लिए अपना सब कुछ त्याग देती हैं। हमारे देश में बहुत से ऐसी बेबस माएं हैं जो अपने बच्चे को खो चुकी हैं। पर बच्चे के जाने के बाद भी मां का प्यार उसके प्रति कभी कम नहीं होता, हाल ही में ऐसा ही कुछ देखने को मिला जम्मू में जहां एक मां ने अपने शहीद की मूर्ति के साथ जो किा उसे देख हर कोई भावुक हो गया।
In #Jammu’s biting cold, a mother gently covers the statue of her #BSF-martyred son with a blanket.
— Daphi (@Dafi_syiemz) January 9, 2026
Gurnam Singh laid down his life in 2016 while foiling a terrorist invasion—
MOTHER LOVE IS TRULY DIVINE✨😥🙏#TuYaaMain pic.twitter.com/REGfU9cmv0
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में शहीद सैनिक की मूर्ति को कंबल से ढका हुआ दिखाया गया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू के रणबीर सिंह पुरा इलाके की रहने वाली जसवंत कौर अपने बेटे, शहीद गुरनाम सिंह की मूर्ति को अपना ज़िंदा बच्चा मानती हैं। गुरनाम सिंह के ड्यूटी के दौरान शहीद होने के बाद गांव में यह मूर्ति लगाई गई थी। तब से जसवंत कौर उसी प्यार और स्नेह से मूर्ति की देखभाल करती हैं, जैसा वह अपने बेटे के लिए करती थीं।
अभी जम्मू में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, इसलिए जसवंत कौर को ठंड की चिंता हुई और उन्होंने मूर्ति को कंबल ओढ़ा दिया ताकि उनके "बेटे" को ठंड न लगे। इस भावुक कदम ने गांव वालों का दिल छू लिया है, जिनमें से कई लोग दुखी मां के प्रति अपना सम्मान और सहानुभूति जताते दिखे। एक यूज़र ने लिखा कि ऐसे काम गहरी भावनाओं से होते हैं, जैसे लोग सर्दियों में मूर्तियों को कपड़ों से ढक देते हैं। दूसरे ने सवाल किया कि क्या भगवान मां को उसके बेटे से फिर से मिला सकते हैं?
बीएसएफ की 173वीं बटालियन के कांस्टेबल गुरनाम सिंह 2016 में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए शहीद हो गए थे। वह पाकिस्तान की तरफ से हुई क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग में घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। वह 2011 में बीएसएफ में शामिल हुए थे।

