सरकारी अस्पताल की घोर लापरवाही,  एक ही इंजेक्शन लगाने से 300 से ज्यादा बच्चे हुए HIV- Positive

punjabkesari.in Wednesday, Apr 15, 2026 - 09:20 AM (IST)

नारी डेस्क:  एक गुप्त जांच से पाकिस्तान के एक सरकारी अस्पताल में मेडिकल सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं, जहां इंजेक्शन लगाने के असुरक्षित तरीकों के कारण बच्चों में HIV का एक बड़ा प्रकोप फैल सकता है। प्रांतीय स्क्रीनिंग कार्यक्रमों, निजी क्लीनिकों और लीक हुए पुलिस रिकॉर्ड से जुटाए गए डेटा से पता चला कि तौंसा में कम से कम 331 ऐसे बच्चे थे, जिनका नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच HIV टेस्ट पॉज़िटिव आया था।


 कैमरा फ़ुटेज में खुली अस्पताल की पोल

 इन नतीजों से पता चलता है कि पंजाब प्रांत के THQ अस्पताल तौंसा में साफ़-सफ़ाई के बुनियादी नियमों का बार-बार उल्लंघन किया गया।इस जांच में 32 घंटे की हिडन कैमरा फ़ुटेज शामिल है, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी कथित तौर पर मरीज़ों का इलाज करते समय संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब अधिकारियों से यह सवाल पूछा जा रहा है कि आख़िर महीनों तक इस तरह के काम बिना किसी रोक-टोक के कैसे चलते रहे।


 मां से बच्चों में नहीं फैला संक्रमण 

इस विश्लेषण में शामिल स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इनमें से ज़्यादातर संक्रमण मां से बच्चे में नहीं फैले हैं। जांचे गए 97 परिवारों में से केवल चार माताएं HIV-पॉजिटिव पाई गईं। एक मामले में बच्चे मोहम्मद अमीन और अस्मा पॉजिटिव पाए गए, जबकि उनकी मां नेगेटिव पाई गईं; इससे यह चिंता बढ़ गई है कि संक्रमण फैलने में मेडिकल संपर्क की अहम भूमिका रही हो सकती है। अस्पताल से मिले फुटेज में स्वास्थ्यकर्मियों को कई मरीजों पर एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करते और साझा मल्टी-डोज़ शीशियों से दवा निकालते हुए दिखाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी प्रथाओं से एचआईवी सहित रक्तजनित संक्रमणों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

इस तरह की गई लापरवाही

एक चौंकाने वाली घटना में, एक नर्स को बची हुई तरल पदार्थ से भरी इस्तेमाल की हुई सिरिंज उठाते और उसे दोबारा इस्तेमाल के लिए अपने सहकर्मी को देते हुए देखा गया। जांच में यह भी दर्ज किया गया कि इंजेक्शन बिना दस्ताने के लगाए जा रहे थे, इस्तेमाल की हुई सुइयां सतहों पर खुली पड़ी थीं और चिकित्सा अपशिष्ट का अनुचित निपटान किया जा रहा था। प्रभावित बच्चों के माता-पिता ने मरीजों पर एक ही सिरिंज का दोबारा इस्तेमाल होते हुए देखा, जिससे अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण में गहरी प्रणालीगत विफलताओं का संकेत मिलता है।


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Content Writer

vasudha

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