खाना खाने के बाद होती है गैस, ब्लोटिंग ? डॉक्टर के बताए ये आसान उपाय दिला सकते हैं राहत

punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 04:32 PM (IST)

 नारी डेस्क:  कई बार खाना खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस, बार-बार डकार आना या सीने में जलन जैसी परेशानियां होने लगती हैं। शुरुआत में लोग इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो, तो खाने-पीने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। जल्दबाजी में खाना, जरूरत से ज्यादा खा लेना या भोजन के तुरंत बाद लेट जाना भी कुछ लोगों में परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में लोग अक्सर घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। पुणे स्थित इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे ने अपने यूट्यूब वीडियो में पाचन संबंधी परेशानी से राहत पाने के लिए कुछ उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं कि गैस और ब्लोटिंग होने पर किन चीजों को आजमाया जा सकता है और रोजमर्रा की किन आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है।

गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए आजमाएं ये 5 उपाय

 अदरक का पानी

अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन संबंधी परेशानियों में किया जाता रहा है। कुछ अध्ययनों में अदरक को मतली जैसी समस्याओं में फायदेमंद पाया गया है, हालांकि गैस और एसिडिटी पर इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।एक कप पानी में अदरक के कुछ पतले टुकड़े डालकर उबाल लें। इसके बाद पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और आराम से पिएं। अगर अदरक लेने से आपको सीने में जलन बढ़ती महसूस हो, तो इसका सेवन बंद कर दें।

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 सौंफ का पानी

खाना खाने के बाद सौंफ चबाने की आदत कई घरों में होती है। सौंफ का इस्तेमाल भी पाचन संबंधी परेशानी में किया जाता है। हालांकि, गैस और ब्लोटिंग को दूर करने में इसके प्रभाव को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर कुछ मिनट उबालें। फिर पानी को छानकर गुनगुना होने पर पिएं। इसे पीने से आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे एसिडिटी का पक्का इलाज न समझें।

 केला

केला फाइबर का अच्छा स्रोत है और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। इसमें मौजूद फाइबर मल त्याग को नियमित रखने में मदद करता है। अगर कब्ज के कारण पेट फूला हुआ महसूस होता है, तो पर्याप्त फाइबर लेना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, केला खाने से हर तरह की गैस या एसिडिटी में राहत मिले, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को केला खाने के बाद भी पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए अपनी शारीरिक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए इसका सेवन करें।

जीरे का पानी

जीरे का इस्तेमाल भारतीय रसोई में मसाले के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू उपाय के रूप में भी किया जाता है। कुछ लोगों को जीरे का पानी पीने के बाद पेट के भारीपन में आराम महसूस हो सकता है। लेकिन गैस और एसिडिटी के इलाज के तौर पर इसकी प्रभावशीलता के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।  एक कप पानी में आधा चम्मच जीरा डालकर कुछ मिनट उबालें। इसके बाद पानी छानकर गुनगुना होने पर पिएं। अगर इसे पीने से जलन या पेट की परेशानी बढ़ती है, तो इसका सेवन न करें।

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कैमोमाइल टी

कैमोमाइल एक तरह की हर्बल चाय है, जिसका इस्तेमाल कुछ लोग आराम महसूस करने के लिए करते हैं। इसे पीने से कुछ लोगों को सुकून मिल सकता है, लेकिन एसिडिटी और ब्लोटिंग से राहत दिलाने में इसके असर के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। अगर आप कैमोमाइल टी पीना चाहते हैं, तो इसे सीमित मात्रा में लें। जिन लोगों को कुछ फूलों या हर्बल उत्पादों से एलर्जी होती है, उन्हें इसका सेवन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भावस्था में या नियमित दवाएं लेने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

खाने के बाद गैस और एसिडिटी से बचने के लिए बदलें ये आदतें

घरेलू उपायों के साथ रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करना भी जरूरी है। अगर आपको अक्सर खाना खाने के बाद पेट फूलने या सीने में जलन की परेशानी होती है, तो इन बातों का ध्यान रखें।

धीरे-धीरे खाना खाएं: जल्दबाजी में खाने से ज्यादा हवा निगलने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे डकार और पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं।

 एक बार में बहुत ज्यादा न खाएं: बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से पेट में असहजता और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है। जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में भोजन करें।

 खाने के बाद हल्की सैर करें: भोजन के बाद 10 से 15 मिनट आरामदायक गति से टहलना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, तुरंत तेज एक्सरसाइज करने से बचें।

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 खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें: भोजन के तुरंत बाद लेटने से पेट का एसिड ऊपर की ओर आने और सीने में जलन होने की संभावना बढ़ सकती है। खासकर रात के खाने और सोने के बीच लगभग तीन घंटे का अंतर रखने की कोशिश करें।

 रात का खाना समय पर खाएं: रात में बहुत देर से या सोने के ठीक पहले भोजन करने से कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ सकती है। इसलिए अपनी दिनचर्या के अनुसार ऐसा समय चुनें, जिससे खाने और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रहे। रात का खाना हर व्यक्ति के लिए शाम 7 बजे से पहले करना जरूरी नहीं है।

 परेशानी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ पहचानें: चाय-कॉफी, तला-भुना भोजन, बहुत मसालेदार चीजें, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स या कुछ अन्य खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ा सकते हैं। सभी के ट्रिगर एक जैसे नहीं होते, इसलिए ध्यान दें कि किन चीजों के सेवन के बाद आपको परेशानी होती है।

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कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

कभी-कभार गैस या पेट फूलना आम हो सकता है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। लगातार सीने में जलन, खट्टी डकार, निगलने में परेशानी या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षणों पर डॉक्टर से सलाह लें। अगर सीने में तेज या दबाव जैसा दर्द हो, सांस लेने में परेशानी आए, ठंडा पसीना निकले या दर्द हाथ, पीठ अथवा जबड़े तक फैले, तो इसे केवल गैस समझकर न बैठें। तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खून की उल्टी या काले, तारकोल जैसे मल की स्थिति में भी तुरंत जांच जरूरी है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में बताए गए घरेलू उपाय सामान्य जानकारी के लिए हैं।  यदि आपको बार-बार परेशानी होती है  तो कोई भी उपाय नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
 
 
 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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