किस विटामिन की कमी से होती हैं झाइयां, जानें कौन-से फूड्स खाने से त्वचा को मिलेगा फायदा
punjabkesari.in Sunday, Oct 25, 2026 - 02:07 PM (IST)
नारी डेस्क : चेहरे पर झाइयां यानी पिगमेंटेशन की समस्या आजकल कई लोगों में देखने को मिलती है। चेहरे पर भूरे या गहरे रंग के धब्बे न केवल त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं, बल्कि कई बार लोगों के आत्मविश्वास पर भी असर डालते हैं। अक्सर माना जाता है कि झाइयां केवल बढ़ती उम्र या धूप में ज्यादा समय बिताने के कारण होती हैं, लेकिन इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण और त्वचा में मेलेनिन का अधिक उत्पादन भी जिम्मेदार हो सकता है। शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी त्वचा की सेहत को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सही खानपान और त्वचा की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है।
किस विटामिन की कमी से हो सकती हैं झाइयां?
विटामिन B12: विटामिन B12 की कमी से त्वचा में गहरे रंग के धब्बे या पिगमेंटेशन हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में झाइयों का कारण इसकी कमी नहीं होती। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
विटामिन C: विटामिन C त्वचा में कोलेजन बनाने और उसे स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसकी कमी से त्वचा की सेहत प्रभावित हो सकती है, लेकिन झाइयों का सीधा कारण हमेशा विटामिन C की कमी नहीं होती।
विटामिन E: विटामिन E त्वचा को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। इसकी पर्याप्त मात्रा त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, हालांकि इसकी कमी को झाइयों का सामान्य या प्रमुख कारण नहीं माना जाता।

झाइयों की समस्या में कौन-से फूड्स खाना फायदेमंद है?
आंवला और अमरूद: आंवला और अमरूद विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।
संतरा और नींबू: खट्टे फल विटामिन C प्रदान करते हैं। नियमित रूप से संतरा, मौसमी और नींबू को संतुलित डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
दूध, दही और अंडे: दूध, दही और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन B12 प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। शाकाहारी लोगों को B12 के लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का विकल्प भी देखना चाहिए।
बादाम और सूरजमुखी के बीज: बादाम, सूरजमुखी के बीज और अन्य मेवे विटामिन E के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना खाया जा सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी और दूसरी हरी सब्जियां शरीर को कई जरूरी विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती हैं। संतुलित डाइट त्वचा के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।
यें भी पढ़ें : केवल 6 महीने में Cancer को दें मात! रिकवरी के लिए आज से अपनाएं ये जरूरी टिप्स
झाइयों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सनस्क्रीन लगाएं: धूप झाइयों और मेलाज्मा को बढ़ा सकती है। इसलिए रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत के अनुसार दोबारा लगाएं।
संतुलित डाइट लें: फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और पर्याप्त प्रोटीन को अपने भोजन में शामिल करें।
त्वचा पर प्रयोग करने से बचें: नींबू, बेकिंग सोडा या तेज घरेलू नुस्खे सीधे चेहरे पर लगाने से जलन और पिगमेंटेशन बढ़ सकता है।
डॉक्टर से सलाह लें: अगर झाइयां लगातार बढ़ रही हैं, अचानक गहरे धब्बे दिखाई दे रहे हैं या त्वचा में अन्य बदलाव हो रहे हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करें।

क्या केवल विटामिन लेने से झाइयां दूर हो सकती हैं?
झाइयों को दूर करने के लिए केवल विटामिन या सप्लीमेंट लेना पर्याप्त नहीं है। झाइयों के पीछे धूप, हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण और कुछ दवाओं का प्रभाव भी हो सकता है। इसलिए बिना जांच के विटामिन सप्लीमेंट लेने से बचें। यदि शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसे पूरा करना उपयोगी हो सकता है। सही त्वचा देखभाल, नियमित सनस्क्रीन और संतुलित खानपान से त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

