व्रत में पेट हो जाता है खराब तो खाने में शामिल करें यें खास आटा
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 01:35 PM (IST)
नारी डेस्क : नवरात्रि या अन्य व्रत के दौरान खानपान में अचानक बदलाव आ जाता है। लंबे समय तक खाली पेट रहना, या फिर ज्यादा तला-भुना व्रताहार खाना, पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है। कई लोगों को व्रत के दौरान गैस, अपच, पेट फूलना और दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। ऐसे में सही खानपान अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी व्रत के दौरान पेट खराब होने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो अपनी थाली में एक खास आटा शामिल करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। डाइटीशियन के अनुसार, सिंघाड़े का आटा पाचन के लिए बेहद हल्का और लाभकारी होता है। जानें व्रत में क्यों फायदेमंद है सिंघाड़े का आटा।
पाचन को रखे दुरुस्त
सिंघाड़े का आटा पाचन के लिए बेहद हल्का और फायदेमंद माना जाता है। यह आसानी से पच जाता है, जिससे पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। व्रत के दौरान अक्सर लोगों को गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या हो जाती है, लेकिन सिंघाड़े का आटा इन समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और पेट को हल्का व आरामदायक महसूस कराता है, जिससे व्रत के दौरान भी आप स्वस्थ और एक्टिव बने रह सकते हैं।

शरीर में पानी जमा नहीं होने देता
सिंघाड़े का आटा शरीर में पानी जमा होने की समस्या को भी कम करने में मदद करता है। इसमें पोटैशियम की मात्रा अधिक और सोडियम कम होता है, जो शरीर के फ्लूड बैलेंस को बनाए रखने में सहायक होता है। यही कारण है कि इसे खाने से वॉटर रिटेंशन कम होता है और शरीर में सूजन या भारीपन महसूस नहीं होता, जिससे व्रत के दौरान भी आप हल्का और आरामदायक महसूस करते हैं।
एनर्जी का अच्छा स्रोत
व्रत के दौरान लंबे समय तक खाली पेट रहने से शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना आम बात है। ऐसे में सिंघाड़े का आटा एक बेहतरीन एनर्जी सोर्स साबित होता है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स और जरूरी मिनरल्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं, जिससे आप दिनभर एक्टिव और फ्रेश महसूस करते हैं। यह न सिर्फ ऊर्जा की कमी को पूरा करता है, बल्कि व्रत के दौरान शरीर को संतुलित और मजबूत बनाए रखने में भी सहायक होता है।
यें भी पढ़ें : गर्मियों में इन 4 लोगों को नहीं खानी चाहिए दही, गलती से खा लिया तो हो सकता है नुकसान
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
सिंघाड़े का आटा एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी विटामिन्स से भरपूर होता है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह फ्री रेडिकल्स के असर को कम करता है और इम्यूनिटी को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम रहता है। व्रत के दौरान जब खानपान सीमित हो जाता है, तब यह आटा शरीर को जरूरी पोषण देकर आपको स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

वजन कंट्रोल में मददगार
सिंघाड़े का आटा वजन को नियंत्रित रखने में भी मददगार होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और बार-बार भूख लगने से रोकता है। इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है और कैलोरी इनटेक भी संतुलित रहता है। यही वजह है कि व्रत के दौरान इसे खाने से न सिर्फ पाचन सही रहता है, बल्कि वजन बढ़ने का खतरा भी कम हो जाता है।
ग्लूटन फ्री विकल्प
सिंघाड़े का आटा एक बेहतरीन ग्लूटन-फ्री विकल्प है, जो खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है जिन्हें ग्लूटन से परेशानी होती है। यह पेट पर हल्का होता है और पाचन को प्रभावित किए बिना आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाता है। व्रत के दौरान जब विकल्प सीमित होते हैं, तब सिंघाड़े का आटा एक सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प बनकर सामने आता है, जिसे बिना किसी चिंता के अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
यें भी पढ़ें : क्या आप भी एक सांस में गटक जाते हैं पानी? जान लें इसके खतरनाक नुकसान
व्रत में कैसे करें शामिल?
व्रत के दौरान सिंघाड़े के आटे को कई तरह से अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है:
सिंघाड़े के आटे की रोटी
पूड़ी या पकौड़े
स्वादिष्ट हलवा।

ध्यान रखने वाली बातें
बहुत ज्यादा तला हुआ व्रताहार खाने से बचें
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
लंबे समय तक खाली पेट न रहें
हल्का और संतुलित भोजन करें।
व्रत के दौरान पेट खराब होना एक आम समस्या है, लेकिन सही खानपान से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। सिंघाड़े का आटा न सिर्फ पचाने में आसान है, बल्कि यह शरीर को ऊर्जा और पोषण भी देता है। इसलिए अगली बार व्रत रखें तो अपनी थाली में इसे जरूर शामिल करें और पेट से जुड़ी परेशानियों से दूर रहें।

