डॉक्टरों ने दी अंगों के खराब होने की चेतावनी, सोनम वांगचुक बोले- 20 जुलाई तक मुझे जिंदा रहना है
punjabkesari.in Friday, Jul 17, 2026 - 11:03 AM (IST)
नारी डेस्क: शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि वह "किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक ज़िंदा रहेंगे"। उनका अनिश्चितकालीन अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर गया है, जबकि डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका अनशन गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया। वांगचुक ने लोगों से अपील की कि वे 20 जुलाई को संसद तक पार्टी के प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों।

विरोध स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने माना कि उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा- "मैं बाहर से कमज़ोर हूं लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे यकीन है कि आप सभी अंदर और बाहर दोनों तरफ से मजबूत हैं। हमें 20 जुलाई के लिए इस ऊर्जा की ज़रूरत है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। हम सब मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।" उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा- "मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक ज़िंदा रहूंगा। अगर आप नहीं आए और 20 जुलाई का कार्यक्रम सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा।" उनकी इस बात पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।

गुरुवार को वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक अनशन के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई है और अगला चरण चिंताजनक हो सकता है; अगर अनशन जारी रहा तो अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, वांगचुक ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिले बिना इसे खत्म करने से गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि अब ध्यान 20 जुलाई को संसद तक होने वाले मार्च को सफल बनाने पर होना चाहिए। यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा है, जिसने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रोज़ाना वांगचुक की सेहत पर नज़र रखें और स्थिति बिगड़ने पर उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान करें।

CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रहा है। संगठन ने 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च का आह्वान किया है, जो मॉनसून सत्र के शुरू होने का दिन भी है। CJP का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

