इस दिन 6 मिनट तक गायब रहेगा सूरज, दिन में ही हो जाएगी रात
punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 04:31 PM (IST)
नारी डेस्क: आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा से लोगों के लिए कौतूहल का विषय रही हैं। आने वाले साल में ऐसी ही एक खास घटना देखने को मिलेगी, जब 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। इस दौरान चंद्रमा कुछ जगहों पर सूर्य को पूरी तरह ढक देगा और दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा जैसा नजारा देखने को मिलेगा। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की खास बात इसकी अवधि है। मुख्य ग्रहण पथ में कुछ स्थानों पर सूर्य करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक पूरी तरह ढका दिखाई दे सकता है। इसे लंबे समय तक दिखाई देने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहणों में गिना जा रहा है। हालांकि, ग्रहण की वास्तविक अवधि हर स्थान पर एक जैसी नहीं होगी।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण
2 अगस्त 2027 को होने वाले इस ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाएगा। जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान जिन इलाकों में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, वहां कुछ समय के लिए दिन के उजाले में काफी अंधेरा छा सकता है। आसमान का रंग बदलने के साथ तापमान में भी थोड़ी गिरावट महसूस हो सकती है। हालांकि, यह नजारा केवल उस संकरे क्षेत्र में दिखाई देगा जहां पूर्ण ग्रहण का रास्ता होगा। इसके आसपास के बड़े इलाके में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही ढका नजर आएगा।

किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
2 अगस्त 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगा। पूर्ण ग्रहण का रास्ता स्पेन से शुरू होकर जिब्राल्टर के आसपास से गुजरते हुए उत्तरी अफ्रीका की ओर बढ़ेगा। इसके बाद ग्रहण का मार्ग मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया और लीबिया से होकर आगे जाएगा। इसके बाद यह मिस्र के कुछ हिस्सों से गुजरते हुए सऊदी अरब, यमन और सोमालिया की दिशा में बढ़ेगा। अटलांटिक और हिंद महासागर के कुछ हिस्से भी इसके रास्ते में शामिल होंगे।
मिस्र का लक्सर क्यों है खास
इस सूर्य ग्रहण को देखने के लिए मिस्र का लक्सर खास जगहों में शामिल होगा। यहां पूर्ण ग्रहण की अवधि काफी लंबी रहने की उम्मीद है। यही वजह है कि ग्रहण देखने में दिलचस्पी रखने वाले लोग कई महीने पहले से ही अपनी यात्रा की तैयारी करने लगते हैं। पूर्ण ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना भी दिखाई दे सकती है, जो सामान्य परिस्थितियों में नजर नहीं आती।
क्या भारत में भी दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
हां, 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों से भी देखा जा सकेगा, लेकिन यहां यह पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा। भारत में सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई देगा। अलग-अलग शहरों में ग्रहण का समय और सूर्य के ढकने की मात्रा अलग हो सकती है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव उत्तर भारत की तुलना में ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। इसलिए अगर आप भारत से इसे देखने की योजना बना रहे हैं तो अपने शहर के लिए स्थानीय खगोलीय समय जरूर जांचें।

क्या सच में दिन में रात जैसा अंधेरा होगा
पूर्ण सूर्य ग्रहण के मुख्य रास्ते में कुछ मिनटों के लिए दिन का उजाला काफी कम हो सकता है और वातावरण में अचानक बदलाव महसूस हो सकता है। लेकिन इसे बिल्कुल आधी रात जैसी रात समझना सही नहीं होगा। अंधेरा कितना होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप पूर्ण ग्रहण के रास्ते के कितने करीब हैं। पूर्णता के रास्ते से बाहर के इलाकों में केवल आंशिक ग्रहण दिखाई देगा और वहां दिन पूरी तरह अंधेरा नहीं होगा।
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सूर्य ग्रहण देखते समय आंखों का रखें खास ध्यान
सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से देखना सुरक्षित नहीं है। सामान्य धूप के चश्मे, चाहे वे कितने भी गहरे क्यों न हों, सूर्य को देखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। ग्रहण के आंशिक चरण में सूर्य को देखने के लिए मान्यता प्राप्त सोलर व्यूअर या विशेष ग्रहण चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए। घर पर बनाए गए फिल्टर या साधारण कांच का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। सूर्य को बिना उचित सुरक्षा के देखने से आंखों की रेटिना को गंभीर और स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान भी केवल वही छोटा समय सुरक्षित होता है जब सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा हो। जैसे ही सूर्य का चमकीला हिस्सा दोबारा दिखाई देने लगे, आंखों की सुरक्षा जरूरी हो जाती है।

2027 का ग्रहण क्यों है इतना खास
इस सूर्य ग्रहण की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी पूर्णता अवधि है। मुख्य ग्रहण पथ में कुछ जगहों पर पूर्ण ग्रहण करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रह सकता है। ऐसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहण दुर्लभ होते हैं। यही वजह है कि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इस घटना को लेकर अभी से उत्साहित हैं। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि इसके बाद बिल्कुल इसी तरह का कोई पूर्ण सूर्य ग्रहण 2114 तक कहीं नहीं होगा; ग्रहण की अवधि और स्थान के हिसाब से तुलना अलग-अलग होती है। इसलिए 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण निश्चित रूप से देखने लायक खगोलीय घटना होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो सही सुरक्षा के साथ इसे प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं।

