रात भर जागने की आदत बना सकती है बीमार, नींद का है कैंसर से गहरा कनेक्शन

punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 04:17 PM (IST)

नारी डेस्क: जब आप सोते हैं, तो आपका शरीर कैंसर से लड़ता है। लेकिन ऐसा तभी होता है जब आप सच में सोते हैं। हमारे समाज में रात-भर जागना या देर रात तक काम करना भले ही प्रोडक्टिविटी की निशानी माना जाता हो, लेकिन यह आपके शरीर को आपकी सोच से कहीं ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर कहते हैं अगर आप देर रात तक फ़ोन पर स्क्रॉल करते हैं, रात में अच्छी नींद नहीं लेते हैं, या नाइट शिफ्ट में काम करते हैं तो आपको कैंसर का खतरा ज़्यादा होता है।  
 

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सोने से पहले फोन ना छोड़ना देता है नुकसान

हैदराबाद के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अर्जुन शंकरन ने एक वीडियो शेयर कर इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर रात हमारा दिमाग मेलाटोनिन नाम का हार्मोन रिलीज़ करता है। यह हार्मोन डैमेज हुए DNA को ठीक करता है, असामान्य सेल ग्रोथ को कंट्रोल करता है और एस्ट्रोजन जैसे कैंसर को बढ़ावा देने वाले हार्मोन को कम करता है। लेकिन दिक्कत यह है कि मेलाटोनिन सिर्फ़ अंधेरे में ही बनता है। इसलिए, सोने से पहले एक घंटे तक फ़ोन पर स्क्रॉल करने से न सिर्फ़ आपकी नींद पर असर पड़ता है, बल्कि यह आपके शरीर के कैंसर से लड़ने वाले सिस्टम को भी बंद कर देता है।


इन कैंसर का ज्यादा खतरा

डॉक्टर बताते हैं कि  WHO भी नाइट शिफ्ट में काम करने को कैंसर का संभावित कारण (कार्सिनोजेन) मानता है। ऐसा इसलिए नहीं है कि काम की वजह से कैंसर होता है, बल्कि इसलिए है क्योंकि सालों तक नींद पूरी न होने से मेलाटोनिन का लेवल बिगड़ जाता है। ऑन्कोलॉजिस्ट के अनुसार, जो लोग सोने का सही रूटीन नहीं अपनाते, उनमें ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा काफी ज़्यादा होता है। क्योंकिआप अपनी सर्केडियन रिदम (शरीर की प्राकृतिक घड़ी) के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि आप अपने शरीर के नैचुरल रिपेयर सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात की शिफ्ट में ज़्यादा काम करना और सुबह धूप न मिल पाना, जिससे हमारे शरीर में विटामिन D का उत्पादन कम हो जाता है।
 

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नींद पर निर्भर करती है जिंदगी

डॉक्टर ने सलाह दी है कि कैंसर से बचने के लिए सोने से कम से कम एक घंटे पहले अपनी सभी स्क्रीन बंद कर दें। पूरी तरह अंधेरा रखने के लिए ब्लैकआउट या गहरे रंग के पर्दों का इस्तेमाल करें। आप स्लीप मास्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर घर में बच्चे हैं जिन्हें सोते समय लाइट की ज़रूरत होती है, तो उन्हें लाल या एम्बर (हल्की नारंगी) लाइट की आदत डालें। सोने से कम से कम 15 मिनट पहले फ़ोन का इस्तेमाल न करें। और भी अच्छा होगा अगर आप अपने फ़ोन को बेडरूम से बाहर रख सकें। आखिर में, उन्होंने सलाह दी- "सोने का एक रेगुलर शेड्यूल बनाए रखने की कोशिश करें क्योंकि आपका सर्केडियन रिदम (शरीर की प्राकृतिक घड़ी) इसी पर निर्भर करता है। अपनी नींद को उतनी ही अहमियत दें जितनी आप अपनी ज़िंदगी को देते हैं, क्योंकि असल में आपकी जिंदगी इसी पर निर्भर करती है।"


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vasudha

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