क्या High Uric Acid में सारी दालें खानी कर देनी चाहिए बंद ? यहां जानिए डायटीशियन के सुझाव
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 06:41 PM (IST)
नारी डेस्क: हाई यूरिक एसिड या गाउट की समस्या में अक्सर लोगों को सलाह मिलती है कि दालें न खाएं, लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है । सच यह है कि हर दाल में प्यूरिन की मात्रा अलग-अलग होती है इसलिए सही दाल चुनना ज़रूरी है। प्यूरिन एक नेचुरल कंपाउंड है, जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदलता है। अगर यूरिक एसिड ज़्यादा बनता है या बाहर नहीं निकल पाता, तो जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट हो सकता है।
हाई यूरिक एसिड में क्या सारी दालें नुकसानदायक हैं?
डायटीशियन के अनुसार, प्लांट-बेस्ड प्यूरिन (दालें, सब्ज़ियां) एनिमल सोर्स प्यूरिन (रेड मीट, ऑर्गन मीट) जितना नुकसान नहीं करते।मतलब सही मात्रा, सही दाल, सही पकाने का तरीका अपनाया जाए तो दालें खाई जा सकती हैं। ज्यादा प्यूरिन वाली दालें चना (काला/सफेद), राजमा, मसूर दाल,अरहर (तूर) दाल हफ्ते में 1–2 बार, कम मात्रा में ले सकते हैं। मध्यम प्यूरिन वाली दालें जैसे मूंग दाल, उड़द दाल सप्ताह में 2–3 बार ली जा सकती हैं। स्प्लिट मूंग दाल (छिलका उतरी), मूंग दाल का पानी / पतली दाल या दाल का सूप ये हाई यूरिक एसिड में ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं।
हाई यूरिक एसिड में दाल खाने के टिप्स
डायटीशियन के अनुसार दाल को भिगोकर पकाएं, बहुत गाढ़ी दाल की बजाय पतली दाल लें। एक समय में एक ही दाल खाएं। दाल के साथ खूब पानी पिएं। दाल + चावल की मात्रा संतुलित रखें
इन चीज़ों से यूरिक एसिड ज्यादा बढ़ता है
रेड मीट, मटन, ऑर्गन मीट (कलेजी आदि), बीयर और शराब, बहुत ज्यादा चीनी और फ्रक्टोज, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड दालों से ज्यादा सुरक्षित हैं। घ्यान रखें कि हाई यूरिक एसिड में दाल बिल्कुल नहीं खानी चाहिए यह मिथक है। सही दाल, सही मात्रा और सही तरीका अपनाकर दालें डाइट का हिस्सा रह सकती हैं।

