अब बिना सांस के भी जिंदा रह पाएगा इंसान ! दुनिया में जगी बड़ी उम्मीद
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 10:48 AM (IST)
नारी डेस्क: सांस लेना जीवन की सबसे बुनियादी प्रक्रिया मानी जाती है। हम सभी जानते हैं कि बिना ऑक्सीजन के इंसान कुछ ही मिनटों में दम तोड़ सकता है। लेकिन हाल ही में हुई एक वैज्ञानिक खोज ने इस सोच को चुनौती दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी तकनीक संभव हो सकती है, जिससे कुछ समय तक बिना पारंपरिक तरीके से सांस लिए भी इंसान जिंदा रह सके।
आखिर क्या है यह नई खोज?
अमेरिका के बोस्टन चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें इंजेक्शन से सीधे खून में ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है। यह तकनीक फेफड़ों के पूरी तरह फेल हो जाने पर 15 से 30 मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई कर सकती है। इस तकनीक में ऑक्सीजन से भरे सूक्ष्म कणों (माइक्रोपार्टिकल्स) को एक विशेष तरल माध्यम में तैयार किया जाता है। फिर इन्हें इंजेक्शन के जरिए नसों में पहुंचाया जाता है। ये कण खून में घुलकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिमाग और दिल को अस्थायी रूप से ऑक्सीजन मिलती रहती है।
इतनी देर तक मिलती है ऑक्सीजन
शोध के अनुसार, यह तकनीक फेफड़ों के पूरी तरह फेल हो जाने की स्थिति में लगभग 15 से 30 मिनट तक शरीर को ऑक्सीजन सपोर्ट दे सकती है। यानी यह स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि “समय खरीदने” वाली तकनीक है ताकि डॉक्टर मरीज को वेंटिलेटर, सर्जरी या अन्य जीवनरक्षक उपायों तक सुरक्षित पहुंचा सकें। यह तकनीक अभी सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है और इसे विशेषज्ञ मेडिकल टीम की निगरानी में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यह किसी भी तरह से सामान्य सांस लेने की प्रक्रिया का विकल्प नहीं है।
क्या इसका मतलब है कि सांस लेना जरूरी नहीं?
यह कहना गलत होगा कि इंसान को सांस लेने की जरूरत ही नहीं रहेगी। अभी तक यह तकनीक केवल प्रयोगात्मक स्तर पर है और सामान्य जीवन में इसका उपयोग संभव नहीं है। सांस लेना शरीर के लिए स्वाभाविक और सबसे सुरक्षित तरीका है ऑक्सीजन पाने का। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बनाने में अभी समय लगेगा।
आम लोगों को क्या समझना चाहिए?
सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं, जिससे भ्रम फैल सकता है। सच यह है कि इंसान बिना ऑक्सीजन के लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता। नई तकनीक सिर्फ आपातकालीन स्थितियों में कुछ समय के लिए मदद कर सकती है। बिना सांस लिए सामान्य जीवन जीना अभी संभव नहीं है। लेकिन विज्ञान लगातार नई सीमाएं तोड़ रहा है, और यह खोज भविष्य की चिकित्सा व्यवस्था के लिए उम्मीद की एक नई किरण जरूर है।

