रात भर बेटा- बेटी को सीने से चिपकाए बैठे रहे संभावना के पति,  बच्चों के लिए वरदान है ये कंगारू थेरेपी

punjabkesari.in Tuesday, Jun 09, 2026 - 11:55 AM (IST)

नारी डेस्क:  टीवी कपल संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी इन दिनों बहुत खुश हैं क्योंकि शादी के 10 साल बाद सरोगेसी के ज़रिए उनके जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है। कई बार IVF की कोशिशें नाकाम रहने और एक बार मिसकैरेज होने के बाद, यह कपल एक बेटी और एक बेटे का माता-पिता बने हैं। यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी है और वह अपने बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए दिन रात एक कर रहे हैं। 

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अभी अस्पताल में ही हैं बच्चे

संभावना और अविनाश  बच्चों से बॉन्ड बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चे अभी अस्पताल में ही हैं उनकी डॉक्टरों की देखरेख में ही देखभाल हो रही है।  मां-बाप को बच्चों से जुड़ने के लिए डॉक्टर ने कंगारू मदर केयर थेरेपी सजेस्ट की, इसके लिए अविनाश पहले आए और बारी-बारी से बेटी-बेटा को अपने सीने से लगाए लेटे रहे। वह रात भर अपने बच्चाें को लेकर बैठे रहे। ऐसे में संभावना ने बताया कि अविनाश पिता बनने के बाद बिल्कुल बदल गए हैं उनका सारा ध्यान सिर्फ अपने बच्चों पर ही है। 


कंगारू केयर क्या है?

कंगारू केयर एक तरीका है जिसमें आप अपने बच्चे को अपनी छाती से सटाकर रखती हैं। बच्चा सिर्फ़ डायपर और शायद टोपी और मोजे पहनता है ताकि उसे गर्माहट मिल सके। वह आपकी  छाती से सटा रहता है, जिससे स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट (त्वचा से त्वचा का संपर्क) होता है। इस तरह का स्पर्श एक खास अनुभव है जो आपके और आपके बच्चे के बीच जुड़ाव बनाने में मदद कर सकता है। इसके मेडिकल फायदे भी हैं, खासकर उन बच्चों के लिए जिनका वजन जन्म के समय कम था या जो समय से पहले पैदा हुए थे। आप आमतौर पर अस्पताल में (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट या NICU सहित) और घर पर भी कंगारू केयर कर सकते हैं। आप हर बार बच्चे को कितनी देर तक अपने पास रखती हैं, यह आपकी स्थिति और बच्चे की मेडिकल ज़रूरतों पर निर्भर करता है। 

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कंगारू केयर के वक्त इन चीजों का रखना होता है ख्याल

अस्पताल में केयर टीम इसे शुरू करने में मदद करती है। घर पर कंगारू केयर करने के लिए ऐसा कुछ पहनें जिसे आप सामने से आसानी से खोल सकें क्योंकि आपका बच्चा आपकीछाती से सटकर आराम करेगा।  बच्चा सीधा (अपराइट पोज़िशन में) होना चाहिए और उसका सिर आपकी छाती पर एक तरफ टिका होना चाहिए। आमतौर पर बच्चे ने सिर्फ़ डायपर, टोपी और मोज़े पहने होने चाहिए। जब आप स्किन-टू-स्किन पोज़िशन में आ जाएं, तो बच्चे को गर्म और आरामदायक रखने के लिए उसकी पीठ पर एक कंबल डाल दें। बच्चे को अपनी छाती से सुरक्षित रूप से थामे रखने के लिए आप एक रैप का इस्तेमाल कर सकती हैं। बच्चे को पकड़े हुए आराम करने की कोशिश करें। सामान्य रूप से सास लें। यह बच्चे के आराम करने या सो जाने के लिए बहुत अच्छा समय है। बच्चे के साथ खेलने या उसका ध्यान खींचने से बचें। बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए आपको जागते रहना चाहिए। आप जितना ज़्यादा समय स्किन-टू-स्किन बिताएंगे, उतना ही अच्छा होगा। ऐसा समय चुनें जो आपके और आपके बच्चे के लिए सबसे अच्छा हो। सुविधाजनक समय अक्सर सुबह-सुबह या बच्चे को नहलाने के बाद का होता है।
 


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Content Writer

vasudha

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