राम नवमी पर चुपचाप कर लें  रामचरितमानस की इन चौपाइयों का जाप, खुशियों से भर जाएगा जीवन

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 09:43 AM (IST)

नारी डेस्क: राम नवमी का पावन दिन भगवान श्रीराम की कृपा पाने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन रामचरितमानस  के कुछ विशेष श्लोकों का पाठ करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। यहां जानिए राम नवमी पर पढ़ने वाले 3 शक्तिशाली श्लोकों के बारे में मान्यता है इससे हर कार्य सफल होते हैं और प्रभू श्रीराम की कृपा बरसती है। 

PunjabKesari
जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥ निज दुख गिरि सम रज करि जाना। मित्रक दुख रज मेरु समाना॥

अर्थ - ये चौपाई श्रीराम और सुग्रीव की सच्ची मित्रता को दर्शाती है। इसका तात्पर्य है कि निस्वार्थ भाव से दोस्ती निभाने वाले की भगवान हमेशा मदद करते हैं। वहीं जो लोग मित्र या दुखियों के दुख में भी दुखी नहीं होते वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकते।


अपि च स्वर्णमयी लंका, लक्ष्मण मे न रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

अर्थ - इस चौपाई में श्रीराम भाई लक्ष्मण से कहते हैं कि भले ही लंका सोने से गढ़ी है लेकिन यहां अशांति है. मेरे लिए तो मां और जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक मूल्यवान है. इससे ये सीख मिलती है कि जो व्यक्ति अपनी धरती और जन्मभूमि से जुड़ा होता है और वहां के लोगों की भलाई के लिए कार्यरत रहता है। 


बोले बिहसि महेस तब ग्यानी मूढ़ न कोइ। जेहि जस रघुपति करहिं जब सो तस तेहि छन होइ।

अर्थ - ईश्वर की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता. ये चौपाई बताती है कि व्यक्ति को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि वह हमेशा धनवान या कंगाल रहेगा. श्री राम की पूजा करने वाले का भाग्य बदलने में देर नहीं लगती. 

PunjabKesari
 पाठ करने का सही तरीका

सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। भगवान राम की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं। इन श्लोकों का 1, 3 या 11 बार श्रद्धा से पाठ करें।  ध्यान रखें इस दौरान  मन शांत और एकाग्र रखें, जल्दीबाजी में पाठ न करें। सच्चे भाव से ही पाठ का पूरा फल मिलता है। याद रखें राम नाम और रामचरितमानस के श्लोकों में इतनी शक्ति है कि वे जीवन के अंधकार को दूर कर सकते हैं और खुशियों से भर सकते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static