पित्ताशय की सर्जरी के बाद होने वाली दिक्कतें और जरूरी सावधानियां
punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 12:07 PM (IST)
नारी डेस्क : Cholecystectomy यानी गॉलब्लैडर रिमूवल सर्जरी आज के समय में एक आम और सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है। पित्ताशय में पथरी, सूजन, इंफेक्शन या बाइल डक्ट में रुकावट जैसी समस्याओं में डॉक्टर पित्त की थैली निकालने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, सर्जरी के बाद शरीर में कुछ बदलाव आते हैं और शुरुआती दिनों में मरीज को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि गॉलब्लैडर निकालने के बाद शरीर में क्या बदलाव होते हैं, कौन-कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
गॉलब्लैडर क्या काम करता है?
गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय शरीर का एक छोटा अंग होता है जो लिवर द्वारा बनाए गए बाइल जूस को स्टोर करता है। यह बाइल फैट को पचाने में मदद करता है। जब हम खाना खाते हैं, खासकर तैलीय भोजन, तब गॉलब्लैडर बाइल को आंतों में छोड़ता है। लेकिन जब पित्ताशय में Gallstones, सूजन या संक्रमण जैसी समस्या हो जाती है, तब इसे निकालना जरूरी हो सकता है।

गॉलब्लैडर निकालने के बाद शरीर में क्या होता है?
सर्जरी के बाद भी लिवर बाइल बनाता रहता है, लेकिन अब यह बाइल पित्ताशय में जमा नहीं होता। इसके बजाय बाइल सीधे छोटी आंत में पहुंचता रहता है। इसी वजह से कुछ लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, खासकर शुरुआत के दिनों में। गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद होने वाली सामान्य दिक्कतें।
फैट पचाने में दिक्कत
गॉलब्लैडर शरीर में बाइल जूस को स्टोर करके जरूरत पड़ने पर आंतों में छोड़ने का काम करता है, जिससे फैट आसानी से पच पाता है। लेकिन गॉलब्लैडर निकालने के बाद बाइल का फ्लो नियंत्रित नहीं रह जाता और यह लगातार आंतों में पहुंचता रहता है। इसी कारण शरीर को तैलीय और ज्यादा फैट वाले भोजन को पचाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में कई लोगों को पेट फूलना, गैस बनना, अपच और पेट भारी लगने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर तब जब वे तला-भुना या ज्यादा ऑयली खाना खाते हैं।
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दस्त लगना
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद दस्त लगना एक आम समस्या मानी जाती है। दरअसल, पित्ताशय निकलने के बाद बाइल जूस सीधे और लगातार आंतों में पहुंचता रहता है, जिससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और मल ढीला होने लगता है। कई लोगों को बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है, खासकर भारी या तैलीय भोजन खाने के बाद। यदि खानपान में फैट की मात्रा ज्यादा हो और फाइबर कम लिया जाए, तो दस्त की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए सर्जरी के बाद हल्का, कम तेल वाला और फाइबर से भरपूर भोजन लेना फायदेमंद माना जाता है।

कब्ज की समस्या
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद कुछ लोगों को कब्ज की समस्या भी हो सकती है। यह परेशानी आमतौर पर कम फाइबर वाला भोजन खाने, पर्याप्त पानी न पीने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण बढ़ जाती है। सर्जरी के बाद कई मरीज कुछ दिनों तक आराम करते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है और मल त्याग में कठिनाई महसूस होने लगती है। हालांकि, सही खानपान, पर्याप्त पानी और नियमित हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि अपनाकर कब्ज की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पेट दर्द और असहजता
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक पेट में हल्का दर्द, सूजन या खिंचाव महसूस होना सामान्य माना जाता है। सर्जरी के दौरान शरीर के अंदर हुए बदलाव और टांकों की वजह से मरीज को चलने-फिरने या उठने-बैठने में थोड़ी असहजता हो सकती है। कुछ लोगों को पेट भारी लगना या हल्की जलन जैसी समस्या भी महसूस होती है। हालांकि, यह परेशानी आमतौर पर समय के साथ धीरे-धीरे कम होने लगती है और सही देखभाल व डॉक्टर की सलाह मानने पर मरीज तेजी से रिकवर कर सकता है।
पीलिया या बुखार
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद अगर बाइल डक्ट में पथरी रह जाए या किसी तरह का संक्रमण हो जाए, तो मरीज को पीलिया या बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस स्थिति में पेट में तेज दर्द, शरीर में कमजोरी, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना या लगातार बुखार आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार यह संकेत बाइल के सही तरीके से फ्लो न होने या इंफेक्शन बढ़ने की ओर इशारा करते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है, ताकि समय रहते सही इलाज किया जा सके।
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आंतों में चोट (दुर्लभ मामला)
गॉलब्लैडर रिमूवल सर्जरी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन बहुत कम मामलों में सर्जरी के दौरान आंतों या आसपास के अंगों को हल्का नुकसान पहुंच सकता है। इसे इंटेस्टाइनल इंजरी कहा जाता है। हालांकि, यह समस्या बेहद दुर्लभ होती है और ज्यादातर सर्जरी बिना किसी गंभीर जटिलता के सफलतापूर्वक पूरी हो जाती हैं। यदि सर्जरी के बाद तेज पेट दर्द, लगातार सूजन, उल्टी या बुखार जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद क्या खाएं?
गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद शुरुआती दिनों में हल्का, कम तेल-मसाले वाला और आसानी से पचने वाला भोजन लेना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और शरीर को रिकवरी में मदद मिलती है। मरीज अपनी डाइट में सादा चावल, दाल का पानी, उबली हुई सब्जियां, मैश्ड पोटैटो, दही या योगर्ट, ओट्स, केला और सेब जैसे हल्के और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं। ये चीजें पेट को आराम देने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं। साथ ही, भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में और दिन में कई बार लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

किन चीजों से बचना चाहिए?
सर्जरी के बाद कुछ समय तक इन चीजों से दूरी बनाना जरूरी है
ज्यादा तला-भुना खाना और मसालेदार भोजन करने से।
फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ।
जल्दी रिकवरी के लिए जरूरी टिप्स
थोड़ा-थोड़ा करके कई बार भोजन करें
भरपूर पानी पिएं और फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
हल्की वॉक करें और डॉक्टर की सलाह के बिना भारी एक्सरसाइज न करें।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
तेज बुखार, लगातार उल्टी
बहुत तेज पेट दर्द, आंखों का पीला पड़ना
लगातार दस्त और सांस लेने में तकलीफ होना।
गॉलब्लैडर निकालने के बाद ज्यादातर लोग सामान्य जीवन जीते हैं। शुरुआती दिनों में पाचन संबंधी कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इन्हें आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह का पालन करना और खानपान में सावधानी रखना रिकवरी को तेज और सुरक्षित बनाता है।

