भक्तों के लिए संत Premanand Maharaj का भावुक संदेश, बोले- “मैं रहूं न रहूं, गुरुदेव हमेशा साथ रहेंगे”
punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 05:43 PM (IST)
नारी डेस्क: Premanand Maharaj पिछले कुछ समय से अपनी खराब तबीयत को लेकर चर्चा में हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनकी पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और वार्तालाप को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इस खबर के बाद उनके भक्त काफी चिंतित नजर आ रहे थे। इसी बीच प्रेमानंद महाराज ने अपने श्रद्धालुओं के लिए एक भावुक संदेश दिया है, जिसने भक्तों को भावुक भी कर दिया और उन्हें मानसिक सहारा भी दिया।
“मैं रहूं न रहूं, गुरुदेव हमेशा साथ रहेंगे”
प्रेमानंद महाराज ने अपने संदेश में भक्तों से कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं रहूं न रहूं, तुम्हारे गुरुदेव हमेशा तुम्हारे मन में रहेंगे। वो आएं या न आएं, मिले या न मिले, लेकिन उनका प्यार हमेशा अपने भक्तों के साथ रहेगा।” बाबा के इन शब्दों ने उनके भक्तों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

भक्तों को दिया भजन और नाम जप का संदेश
अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को सांसारिक चिंताओं से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंसान को डर और तनाव छोड़कर भगवान के नाम में मन लगाना चाहिए। उन्होंने भक्तों से अपील करते हुए कहा कि अपना ज्यादा से ज्यादा समय भजन, नाम जप और प्रभु स्मरण में लगाएं। बाकी बातों की चिंता भगवान पर छोड़ दें।
आश्रम की ओर से जारी हुई थी एडवाइजरी
कुछ दिनों पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम की तरफ से एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की गई थी। इसमें बताया गया था कि महाराज जी की तबीयत ठीक नहीं चल रही है, इसलिए फिलहाल उनकी पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और वार्तालाप को बंद किया जा रहा है। यह खबर सामने आते ही उनके भक्तों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि बाद में बाबा आश्रम से बाहर आए और भक्तों को दर्शन देकर उन्हें सांत्वना दी।
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“हम बोले न बोले, प्यार हमेशा रहेगा”
भक्तों से मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने कहा था, “आप चिंता मत करें। हम मिले न मिले, बोले न बोले, लेकिन हमारा प्यार हमेशा आप सभी के साथ रहेगा।” उन्होंने भक्तों से श्रीजी के चरणों में ध्यान लगाने और विश्वास बनाए रखने की अपील भी की थी।
भक्तों को समर्पित किया मौन व्रत और एकांतवास
प्रेमानंद महाराज ने अपने मौन व्रत और एकांतवास को भी भक्तों के नाम समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि भक्तों के कल्याण के लिए किया जा रहा है। बाबा ने कहा, “हमारा जो होना था, वो हो गया। अब आगे जो कुछ भी होगा, वो भक्तों के हित और कल्याण के लिए ही होगा।”

कैसी है प्रेमानंद महाराज की तबीयत?
बताया जाता है कि प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां काफी समय से खराब हैं और उनका नियमित डायलिसिस किया जाता है। इसके बावजूद वह लंबे समय तक भक्तों से मुलाकात, सत्संग और कठिन दिनचर्या निभाते रहे हैं। हाल के दिनों में तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। फिलहाल उनकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है और घबराने जैसी कोई बात नहीं कही गई है।
भक्त लगातार कर रहे हैं दुआ
प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर देशभर के श्रद्धालु लगातार उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके भक्त भावुक संदेश साझा कर रहे हैं और उनके जल्द स्वस्थ होकर वापस आने की कामना कर रहे हैं।

