Work From Home करो, Petrol बचाओ और सोना बिल्कुल ना खरीदो... पीएम मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील
punjabkesari.in Monday, May 11, 2026 - 10:41 AM (IST)
नारी डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने का आग्रह किया — जिसमें सोने की खरीद से बचना, विदेश यात्रा टालना और घर से काम करना शामिल है क्योंकि देश, ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के आर्थिक नतीजों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन बचाएं, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) को फिर से शुरू करें, गैर-ज़रूरी चीज़ें खरीदने और विदेश में छुट्टियां मनाने से बचें, ताकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।

नागरिकों को दिए कई उपाय
देश को इचुनौतियों से उबरने में मदद करने के लिए नागरिकों को कई उपाय सुझाते हुए, पीएम मोदी इस बात पर ज़ोर दिया कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ़ देश के लिए अपनी जान कुर्बान करना ही नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में ज़िम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना भी है। PM मोदी ने कहा कि मौजूदा हालात में, देश को विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत ज़्यादा ज़ोर देना चाहिए। उन्होंने कहा- "चूंकि दुनिया भर में पेट्रोल और डीज़ल बहुत ज़्यादा महंगे हो गए हैं, इसलिए यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम ईंधन बचाएं और इस तरह पेट्रोल और डीज़ल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाएं।"
विदेश में शादियों ना करने की भी अपील
माेदी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां भी उपलब्ध हो, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करके पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करें जब निजी वाहनों की जरूरत हो, तो 'कार-पूलिंग' का विकल्प चुनें, सामान की आवाजाही के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएं। PM ने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेश में शादियां करने से बचकर तथा घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर ही उत्सव मनाने को प्राथमिकता देकर विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में मदद करें।

एक साल तक सोना ना लेने की अपील
पीएम ने लोगों से यह भी अनुरोध किया कि लोग एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा के बाहर जाने पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। उन्होंने कहा, "सोने की खरीद एक और ऐसा क्षेत्र है जहां विदेशी मुद्रा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। राष्ट्रीय हित में, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे।" उन्होंने नागरिकों को 'मेड-इन-इंडिया' और स्थानीय रूप से बने उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसमें जूते, बैग और एक्सेसरीज़ जैसी रोज़मर्रा के इस्तेमाल की चीज़ें भी शामिल हैं। भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े आयातकों में से एक है, और शादियों तथा त्योहारों के मौसम में इसकी खरीद में काफ़ी बढ़ोतरी हो जाती है। चूंकि सोने का ज़्यादातर हिस्सा आयात किया जाता है, इसलिए इसकी बढ़ती मांग के कारण डॉलर का बहिर्प्रवाह बढ़ जाता है और देश का आयात बिल भी बढ़ जाता है।

