महिला आरक्षण बिल पर बोले PM मोदी- नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान नहीं

punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 08:53 PM (IST)

नारी डेस्क: जहां एक तरफ महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की सियासत गरमा गई है तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने आया हूं। पीएम ने कहा आज देश ने देखा कि कैसे देश की महिलाओं के सपनों को कुचल दिया गया। उन्होंने देश की महिलाओं से क्षमा मांगी। पीएम ने अपने भाषण में कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है अपना अपमान नहींं भूल सकती। 


पीएम के संबोधन की मुख्य बातें:

-इस देश का हर नागरिक देख रहा है कि महिलाओं की प्रगति कैसे रुक गई है... हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद, हमें सफलता नहीं मिली है। 
-'नारी शक्ति अधिनियम' में संशोधन नहीं किए जा सके और इसके लिए मैं राष्ट्र की सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं।
-'नारी शक्ति अधिनियम' से किसी को भी नुकसान नहीं होना था, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं का हक छीन लिया।
-भारत का प्रत्येक नागरिक देख रहा है कि किस प्रकार हमारी महिलाओं के सपनों को चकनाचूर किया जा रहा है -भारत की महिलाओं ने देखा कि कैसे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों ने हमारी नारी शक्ति के खिलाफ अपनी स्वार्थ भरी राजनीति का जश्न मनाया
-विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध करके एक पाप किया है, और इसके लिए उन्हें निश्चित रूप से दंड मिलेगा।


इससे पहले पीएम ने की  मंत्रिमंडल की बैठक 

इससे पहले सूत्रो ने बताया कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि महिला आरक्षण को शीघ्र लागू करने से जुड़े विधेयक का समर्थन न करने के लिए कांग्रेस और अन्य दलों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से जनता के बीच विपक्ष की "महिला-विरोधी" मानसिकता उजागर करने को कहा। सूत्रों ने यह जानकारी दी। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री ने 2029 के लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू कराने के प्रति अपनी सरकार के समर्थन और प्रतिबद्धता को दोहराया। 


महिला आरक्षण बिल का विपक्ष ने किया विरोध

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण को शीघ्र लागू करने के पक्ष में मतदान न करके विपक्ष ने "बड़ी गलती" की है और इसका समर्थन न करने के राजनीतिक परिणाम उसे भुगतने होंगे। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि वे इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक, गांव-गांव तक पहुंचाएं और विपक्ष की "महिला-विरोधी" मानसिकता को उजागर करें। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने मंत्रियों से अपने सोशल मीडिया मंचों पर भी विपक्ष के खिलाफ संदेश प्रसारित करने को कहा है। महिला आरक्षण कानून को लागू करने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और पारित नहीं हो पाया। 
 


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Content Writer

vasudha

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