साल का सबसे बड़ा मुहूर्त है आज, राधा-कृष्ण खेलेंगे फूलों के साथ होली
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 10:20 AM (IST)
नारी डेस्क: रंगो की होली से पहले फूलों की होली का त्योहार आ गया है। आज फुलेरा दूज है, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रेममय त्योहार है। यह राधा-कृष्ण के प्रेम को समर्पित है। इस दिन भगवान कृष्ण राधा रानी के साथ फूलों की होली खेलते हैं, इसलिए इसे 'फूलों की होली' या ब्रज में होली का शंखनाद माना जाता है। आज फुलेरा दूज त्योहार होने के साथ-साथ साल का एक अबूझ मुहूर्त भी है।

फुलेरा दूज का महत्तव
फुलेरा दूज को “फूलों की होली” भी कहा जाता है। इस दिन मंदिरों में खासतौर पर राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं पर रंगों की जगह फूलों की वर्षा की जाती है। विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र मथुरा और वृंदावन में यह त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन से होली उत्सव की शुरुआत हो जाती है। इसे अत्यंत शुभ दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन विवाह, सगाई या नए कार्य की शुरुआत बिना मुहूर्त के भी की जा सकती है। इस दिन भक्तजन राधा-कृष्ण को फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
ये है शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि 18 फरवरी बुधवार को शाम 4:57 बजे से शुरू होकर कल 19 फरवरी गुरुवार को दोपहर 3:58 बजे खत्म होगी। द्वितीया तिथि कल शाम में शुरू हो गई थी। सिद्ध योग प्रात:काल से लेकर रात 08 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, वहीं पूर्व भाद्रपद नक्षत्र भी प्रात:काल से लेकर रात 08 बजकर 52 मिनट तक है। सिद्ध योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होंगे।

जल्द विवाह के बनेंगे योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, वे लोग फूलेरा दूज के अवसर पर पूजा पाठ के समय राधारानी को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें, उनकी कृपा से जल्द विवाह के योग बनेंगे। इसके अलावा नया व्यवसाय या नई नौकरी शुरू करने के लिए भी यह दिन अच्छा है। कोई भी धार्मिक संस्कार या अनुष्ठान भी आप फुलेरा दूज पर कर सकते हैं। फुलेरा दूज, होली के आगमन की खुशी का प्रतीक है। यह दिन शुभता, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।

