लोगों ने कहा 2 बच्चों की मां हो ब्यूटी कॉन्टेस्ट में मत जाओ, जीतकर तोड़ी समाज की पुरानी सोच
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 02:35 PM (IST)
नारी डेस्क: जब कोई महिला, खासकर दो बच्चों की मां, ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने का फैसला करती है, तो समाज में सवाल उठना आम बात है। लेकिन राजस्थान के कोटा शहर की मोनिका मीणा ने अपनी जीत से लोगों की सोच पूरी तरह बदल दी। बचपन से अलग सोच मोनिका मीणा का जन्म और पालन-पोषण कोटा में हुआ। बचपन से ही उनकी सोच बाकी लोगों से अलग थी। वे जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही बुद्धिमान भी हैं। उन्होंने कानून की पढ़ाई की, शादी की और दो बच्चों की मां बनीं। इसके बावजूद उन्होंने ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने का फैसला किया और सबको चौंका दिया।
कोटा के बारे में गलतफहमियां
मोनिका बताती हैं, “मुझे कोटा के बारे में गलत बातें सुनकर बहुत दुख होता है। यह शहर मेडिकल और इंजीनियरिंग का हब रहा है और देश को कई डॉक्टर और इंजीनियर दिए हैं। बावजूद इसके, इस शहर को बदनाम किया गया। कई बार सुना जाता है कि कोटा में छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याओं का कारण शहर है, जबकि असल कारण माता-पिता और समाज का दबाव है। पेरेंट्स को अपने बच्चों पर अनावश्यक उम्मीदें थोपना बंद करना चाहिए।”

रिश्तेदारों के ताने
2018 में मोनिका ने सोशल मीडिया पर ‘मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड’ ब्यूटी पेजेंट का विज्ञापन देखा। उन्होंने तुरंत ऑडिशन देने का फैसला किया और उनका चयन भी हो गया। लेकिन इस फैसले से कई रिश्तेदार खुश नहीं थे। उनका कहना था कि दो बच्चों की मां के लिए ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेना जरूरी नहीं है। उन्हें चिंता थी कि इससे परिवार और बच्चों पर ध्यान नहीं जाएगा। किसी ने यह नहीं सोचा कि जीतने पर यह देश और परिवार के लिए गर्व की बात होगी।

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ब्यूटी कॉन्टेस्ट में जीत
मोनिका ने हिम्मत दिखाई और ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। पहले उन्होंने ग्रीस और यूरोप में सेमीफाइनल जीता, फिर दिल्ली में फाइनल राउंड में हिस्सा लेकर ‘मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड’ का खिताब अपने नाम किया। उनकी जीत के बाद लोगों की सोच बदल गई। अब सब समझ गए कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हुए भी बड़े काम किए जा सकते हैं।

परिवार का साथ
मोनिका कहती हैं, “मैं खुशनसीब हूं कि मेरा परिवार बेटे और बेटी में कोई भेदभाव नहीं करता। मेरे माता-पिता ने मुझे पढ़ाया-लिखाया और अपनी पसंद का करियर बनाने का मौका दिया। शादी के बाद मेरे पति और बच्चे हमेशा मेरे साथ रहे। पति ने कभी मुझे रोकने की कोशिश नहीं की। एक महिला तभी तरक्की कर सकती है जब उसका परिवार उसका साथ दे। घर की महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें तो आने वाली पीढ़ियां खुद तरक्की करेंगी।”
मोनिका की कहानी यह साबित करती है कि उम्र, शादी या मातृत्व किसी महिला की प्रतिभा और सपनों में बाधा नहीं बन सकते।

