अब लव मैरिज करना होगा मुश्किल, माता- पिता की मंजूरी के बिना नहीं हो सकेगी शादी
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 01:17 PM (IST)
नारी डेस्क: गुजरात अपने मैरिज रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़े बदलाव करने और इस प्रोसेस में माता-पिता की भागीदारी को मुख्य बनाने की तैयारी कर रहा है, खासकर उन मामलों में जहां कपल भागकर शादी करता है। कई कम्युनिटी ग्रुप्स की बार-बार मांग के बाद, राज्य सरकार ने ऐसे बदलावों का प्रस्ताव दिया है, जिससे “फैमिली यूनिट” सीधे कपल की शादी के पेपरवर्क में शामिल हो जाएगी। डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी ने गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजेज एक्ट में प्लान्ड अमेंडमेंट की घोषणा की, जिसमें मौजूदा प्रोसेस की जगह एक सख्त, मल्टी-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम की रूपरेखा बताई गई है।
दूल्हा-दुल्हन के माता- पिता को किया जाएगा सूचित
हर्ष सांघवी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में कहा- “प्यार पर कोई एतराज़ नहीं है। लेकिन अगर कोई सलीम सुरेश बनकर किसी लड़की को फंसाता है, तो हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” प्रस्तावित नियमों के अनुसार, हर मैरिज रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन असिस्टेंट रजिस्ट्रार के सामने जमा करना होगा, जबकि एप्लिकेंट को एक डिक्लेरेशन अटैच करना होगा जिसमें यह बताया जाएगा कि दूल्हा-दुल्हन ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताया है या नहीं। इसके अलावा, दूल्हा-दुल्हन को एप्लीकेशन में अपने माता-पिता के नाम, पते, आधार और कॉन्टैक्ट डिटेल्स देने होंगे। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार के संतुष्ट होते ही 10 वर्किंग डेज़ के अंदर दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता को सूचित किया जाएगा।
दूल्हा-दुल्हन को ये चीजें करने होगी जमा
असिस्टेंट रजिस्ट्रार एप्लीकेशन को संबंधित ज़िले या तालुका के रजिस्ट्रार को भेज देंगे। रजिस्ट्रार के सब-रूल्स में बताई गई ज़रूरतों को पूरा करने के 30 दिन बाद शादी रजिस्टर हो जाएगी। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, रजिस्ट्रार इन सभी डिटेल्स को सरकार द्वारा बनाए जाने वाले एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे। संघवी ने सदन को बताया- “मैरिज सर्टिफिकेट एप्लीकेशन की तारीख से 40 दिन बाद ही जारी किया जाएगा, ताकि वेरिफिकेशन, कंसल्टेशन या ऑब्जेक्शन के लिए समय मिल सके।” एप्लिकेंट को दूल्हा-दुल्हन दोनों के आधार कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट और स्कूल-लीविंग सर्टिफिकेट, फोटो और जहां उपलब्ध हो, शादी का इनविटेशन कार्ड जमा करना होगा।
दोनों पक्षों को देनी होगी ये डिटेल्स
दोनों पक्षों के गवाहों को फोटो और आधार डिटेल्स देनी होंगी। मैरिज रजिस्ट्रेशन को निचले लेवल के रेवेन्यू ऑफिस से सरकारी कोर्ट में शिफ्ट कर दिया जाएगा। प्रस्तावित बदलाव गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजेज एक्ट, 2006 के नियमों में हैं, जो गुजरात में शादियों के रजिस्ट्रेशन को कंट्रोल करने वाला एक राज्य-विशिष्ट कानून है। यह एक्ट सभी धर्मों की शादियों के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पर लागू होता है। ध्यान दें, ये बदलाव शादियों को कैसे रजिस्टर किया जाता है (पेपरवर्क, नोटिस, डेडलाइन) के बारे में हैं न कि इस बारे में कि पर्सनल लॉ के तहत शादी को क्या वैलिड बनाता है।
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