बच्चों के कंकाल.. किडनैपिंग-रेप फिर मर्डर, सबसे डरावने निठारी कांड के सुरेंद्र कोली ने किया सुसाइड
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 02:50 PM (IST)
नारी डेस्क: निठारी हत्याकांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली ने उत्तराखंड के हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव एक चाय की दुकान पर मिला। कोली पिछले कुछ दिनों से इलाके में चाय की दुकान चला रहा था। उसका शव दुकान के अंदर एक रस्सी से लटका हुआ मिला। पिछले साल नवंबर में कोली - जिसे "निठारी का कसाई" (Butcher of Nithari) कहा जाता था - को सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था। कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव याचिका को स्वीकार कर लिया था, जिससे खराब जांच और नरभक्षण (cannibalism) की थ्योरी पर आधारित मीडिया ट्रायल के मामले का औपचारिक रूप से समापन हो गया।
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2006 में निठारी कांड ने खींचा था ध्यान
2006 के निठारी हत्याकांड ने तब लोगों का ध्यान खींचा जब गांव से नाबालिगों के गायब होने का संबंध नोएडा सेक्टर-31 में बिजनेसमैन मोहिंदर सिंह पंढेर के घर के बाहर एक नाले में इंसानी अवशेष मिलने से जुड़ा; यह घर "हाउस ऑफ हॉरर्स" (House of Horrors) के नाम से कुख्यात हो गया था। इस मामले की जांच में बच्चों और युवतियों के अपहरण के आरोप और रेप, नरभक्षण व अंगों की चोरी के भयानक दावे शामिल थे।
कोली को मिली थी उम्रकैद की सजा
जांच के बाद कुल 19 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से कुछ में कोली को दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई। घरेलू कामगार कोली और उसके मालिक पंढेर को शुरू में इस मामले में दोषी ठहराया गया था। 2007 में दोनों के खिलाफ कुल 19 मामले दर्ज किए गए थे। CBI ने सबूतों की कमी के कारण तीन मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। बाकी बचे 16 मामलों में से तीन में कोली को दोषी नहीं पाया गया और एक मामले में उसकी मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदल दिया गया।
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नाले से मिली थे कंकाल
निठारी कांड साल 2005-2006 के बीच नोएडा के निठारी गांव में बच्चों-युवतियों की गुमशुदगी और हत्या से जुड़ा एक सीरियल मर्डर केस था। उस दौरान निठारी गांव के कई बच्चे अचानक गायब हो गए थे। बाद में मोनिंदर सिंह पंढेर की सेक्टर-31 वाली कोठी के पीछे बने नाले में कई नर कंकाल व हड्डियां बरामद हुई थीं, जिससे सनसनी फैल गई थी। इसी मामले में पंढेर के घर नौकरी करने वाला सुरेंद्र कोली भी आरोपी था। सुरेंद्र कोली बच्चों को टॉफी-चॉकलेट का लालच देकर कोठी के भीतर बुलाता था, जहां उनके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी जाती थी।

