बच्चे के कान में रात को दर्द हो तो न करें ये गलती, एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका
punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 05:13 PM (IST)
नारी डेस्क : बच्चों के कान में दर्द होना आम परेशानी है, लेकिन जब यह दर्द रात में अचानक शुरू हो जाए तो माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। ऐसे समय में कई लोग तुरंत कान में ईयर ड्रॉप डाल देते हैं या लहसुन और सरसों का तेल डालने जैसे घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं। हालांकि, ऐसा करना बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हर बार कान में दर्द का कारण इंफेक्शन ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसके पीछे कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। ऐसे में रात के समय बच्चे को राहत देने के लिए क्या किया जा सकता है और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है, इस बारे में पीडियाट्रिशियन डॉ. शिप्रा खंडेलवाल ने जानकारी दी है।
हर बार कान का दर्द इंफेक्शन नहीं होता
पीडियाट्रिशियन के मुताबिक, बच्चे के कान में दर्द होने का मतलब हमेशा कान का इंफेक्शन होना नहीं है। अलग-अलग उम्र में इसके कई कारण हो सकते हैं। छोटे बच्चों में दांत निकलने के दौरान भी कान के आसपास दर्द महसूस हो सकता है। वहीं बड़े बच्चों में टॉन्सिल की समस्या या कान में ज्यादा वैक्स जमा होने के कारण दर्द हो सकता है। सर्दी-जुकाम के दौरान भी कान में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। अगर बच्चा नियमित रूप से स्विमिंग करता है, तो पानी के संपर्क में आने की वजह से भी कान में दर्द या दूसरी परेशानी हो सकती है।

बच्चे के कान में खुद से तेल न डालें
बच्चे के कान में दर्द होने पर सबसे पहले किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से बचना चाहिए। डॉक्टर शिप्रा खंडेलवाल के मुताबिक, कान में लहसुन का तेल, सरसों का तेल या कोई दूसरा तेल खुद से नहीं डालना चाहिए। अगर कान में पहले से इंफेक्शन या अंदरूनी चोट जैसी कोई समस्या है, तो तेल डालने से परेशानी और बढ़ सकती है। इसी तरह बिना डॉक्टर की सलाह के ईयर ड्रॉप डालना भी सही नहीं है, क्योंकि हर तरह के कान के दर्द के लिए एक जैसी दवा काम नहीं करती।
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रात में बच्चे को दर्द से कैसे राहत दें
अगर रात में बच्चे के कान में दर्द हो जाए, तो सबसे पहले उसे आराम से सीधा बैठाएं। इसके बाद दर्द वाले कान के बाहर गर्म पानी से हल्की गर्म सिकाई की जा सकती है। ध्यान रखें कि पानी या कपड़ा बहुत गर्म न हो, ताकि बच्चे की त्वचा को नुकसान न पहुंचे। अगर इसके बाद भी बच्चे को दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार बच्चे की उम्र और वजन के हिसाब से इस्तेमाल की जाने वाली उपयुक्त दर्द की दवा दी जा सकती है। इसके बाद अगले दिन बच्चे को डॉक्टर को दिखाना बेहतर रहेगा, ताकि दर्द की असली वजह पता चल सके। बच्चे को कोई दवा पहली बार देने से पहले उसके लिए सही दवा और खुराक को लेकर डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पुष्टि करना जरूरी है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
कान में दर्द के साथ अगर बच्चे को तेज बुखार हो रहा है, कान से पानी, पस या किसी तरह का डिस्चार्ज निकल रहा है या बच्चे को सुनने में परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य दर्द समझकर इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द पीडियाट्रिशियन या ENT डॉक्टर से सलाह लें। खासकर छोटे बच्चे अगर लगातार रो रहे हों, बहुत परेशान हों या दर्द तेजी से बढ़ रहा हो, तो मेडिकल सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

कान का दर्द किस वजह से हो रहा है, यह जांच के बाद ही सही तरीके से पता चल सकता है। इसलिए घर पर सिर्फ अस्थायी राहत देने की कोशिश करें और बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तेल या दवा डालने से बचें।

