नाना पाटेकर के साथ 2:30 AM से 5:30 AM तक जानें क्या-क्या हुआ, ऐसे थे उनके आखिरी पल
punjabkesari.in Thursday, Oct 08, 2026 - 01:18 PM (IST)
नारी डेस्क : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस सदमे में हैं। 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर की सुबह गोवा में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। नाना पाटेकर का इलाज गोवा के मणिपाल हॉस्पिटल में किया जा रहा था। उनके इलाज से जुड़े डॉक्टर शेखर सालकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभिनेता को किस हालत में अस्पताल लाया गया था और उनके आखिरी पलों में क्या हुआ।
बेटा नहीं, भतीजा प्रसाद पाटेकर थे साथ
जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर गोवा में अपने भतीजे प्रसाद पाटेकर के साथ थे। बताया गया कि पिछली रात से ही उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। उन्हें सिरदर्द की शिकायत भी थी और उन्होंने अपनी तबीयत कुछ अजीब महसूस होने की बात कही थी। रात बढ़ने के साथ उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। इस दौरान उनके बेटे मल्हार पाटेकर उनके साथ नहीं थे, क्योंकि वह पुणे में थे।

रात 2:30 बजे दोस्त को किया मैसेज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात काफी हो जाने के कारण दोस्त उस समय उनका मैसेज नहीं देख पाए। इसके बाद नाना ने उन्हें फोन किया और घर आने के लिए कहा। दोस्त ने तुरंत उनके पास पहुंचने की कोशिश की।
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सुबह करीब 4 बजे घर पहुंचे दोस्त
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे नाना पाटेकर के दोस्त उनके घर पहुंचे। उस समय अभिनेता की हालत खराब थी और उन्हें काफी पसीना आ रहा था। दोस्त ने उन्हें संभालने की कोशिश की। लेकिन इसी दौरान नाना की हालत लगातार बिगड़ती गई और वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे।
केयरटेकर को भेजा अस्पताल, बुलाई गई एम्बुलेंस
स्थिति गंभीर होते देख उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने को कहा गया। इसके बाद इमरजेंसी मेडिकल टीम उनके घर पहुंची। डॉक्टरों ने मौके पर ही उन्हें बचाने की कोशिश शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज और पुनर्जीवन की कोशिश की।
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डॉक्टर ने बताया- घर पर ही हो चुका था निधन
डॉक्टर शेखर सालकर के मुताबिक, जब नाना पाटेकर को अस्पताल लाया गया, तब तक उनका निधन हो चुका था। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके चाहने वाले उनकी फिल्मों, किरदारों और उनकी बेबाक शख्सियत को याद कर रहे हैं। पर्दे पर अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर का जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है।

