Makar Sankranti 2026:14 या 15 जनवरी? जानें कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 08:14 PM (IST)

 नारी डेस्क: मकर संक्रांति सनातन धर्म का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार धार्मिक, ज्योतिषीय, सामाजिक और आध्यात्मिक हर दृष्टि से खास माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ उत्तरायण की शुरुआत होती है। इस साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ी उलझन है। कुछ लोग 14 जनवरी को तो कुछ 15 जनवरी को पर्व मना रहे हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि मकर संक्रांति कब है, स्नान का शुभ समय क्या है और घर पर स्नान कैसे करें।

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश कब होगा?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजकर 6 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इसी गोचर को मकर संक्रांति कहा जाता है। चूंकि सूर्य का प्रवेश दोपहर में हो रहा है, इसलिए मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को माना जाएगा, लेकिन इसके सभी धार्मिक कार्य स्नान, दान, पूजा-पाठ और जप-तप 15 जनवरी 2026 को किए जाएंगे। 23 साल बाद बना खास संयोग इस साल एक विशेष संयोग बन रहा है। करीब 23 साल बाद मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन (14 जनवरी) को पड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, संक्रांति और एकादशी का एक साथ होना अक्षय पुण्य देने वाला माना जाता है।

मकर संक्रांति 2026 का स्नान मुहूर्त (15 जनवरी)

15 जनवरी 2026 को स्नान के लिए ये शुभ समय रहेंगे सुबह 5:27 बजे से 7:15 बजे तक सुबह 9:07 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्योदय से दोपहर तक का समय पुण्य काल माना जाता है। यदि संभव हो, तो सूरज निकलते ही स्नान करना सबसे उत्तम माना जाता है।

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पवित्र नदियों में स्नान का महत्व

मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना, संगम या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किया गया स्नान कई जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

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घर पर मकर संक्रांति का स्नान कैसे करें?

अगर आप किसी नदी या तीर्थ स्थल नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं। घर पर भी विधि-विधान से स्नान किया जा सकता है सुबह उठकर सबसे पहले ईश्वर का ध्यान करें और मन में स्नान का संकल्प लें। 

नहाने के पानी में

गंगाजल की कुछ बूंदें, तिल, चाहें तो कुश या तुलसी जल मिला सकते हैं। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। 

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

इस दिन दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। विशेष रूप से

तिल

गुड़

खिचड़ी

कंबल

वस्त्र

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का दान करने से सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति 2026 आत्मशुद्धि, दान और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। सही मुहूर्त में स्नान और दान कर इस पावन दिन का पूरा फल प्राप्त करें।  


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Content Editor

Priya Yadav

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