महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याएं ऐसे करें महादेव की पूजा, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 04:10 PM (IST)

नारी डेस्क : महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महादेव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसी कारण महाशिवरात्रि को विवाह, प्रेम और दांपत्य जीवन से जुड़ी कामनाओं की पूर्ति का विशेष दिन माना जाता है। देशभर में इस दिन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है, शिव बारात निकाली जाती है और भक्त उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, खासकर विवाह से जुड़ी इच्छाएं। बता दें कि वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा।

महाशिवरात्रि का व्रत क्यों है कुंवारी कन्याओं के लिए खास?

भगवान भोलेनाथ को अत्यंत दयालु और शीघ्र प्रसन्न होने वाला देवता माना जाता है। हर कन्या की इच्छा होती है कि उसे भगवान शिव जैसा गुणवान और आदर्श जीवनसाथी मिले। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो कुंवारी कन्याएं महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा और व्रत करती हैं। 
उन्हें मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है
विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
शीघ्र विवाह के योग बनते हैं
सुखी और समृद्ध दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। 

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कुंवारी कन्याओं के लिए महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि के दिन पूजा करते समय निम्न विधि का पालन करें।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन काले और ग्रे रंग के कपड़े न पहनें।
पूजा स्थान या मंदिर को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद और शुद्ध जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित करें।
धूप-दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
महादेव को मिश्री, खीर, मिठाई और बेर का भोग लगाएं।
माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
शिव चालीसा का पाठ करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

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महाशिवरात्रि के व्रत के नियम

महाशिवरात्रि का व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करें।
व्रत के दौरान नमक और अन्न का सेवन न करें।
मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें।
 


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Monika

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