LPG संकट में स्टोव का सहारा, अब 21 राज्यों में राशन की दुकानों पर फिर से मिलेंगे मिट्टी के तेल
punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 04:38 PM (IST)
नारी डेस्क : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर एलपीजी की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि अब राशन की दुकानों और चुनिंदा पेट्रोल पंपों के जरिए केरोसीन यानी मिट्टी का तेल फिर से उपलब्ध कराया जाएगा। 30 मार्च को किए गए इस ऐलान का उद्देश्य ऊर्जा संकट के दौरान घरेलू जरूरतों को पूरा करना है।
21 राज्यों में शुरू होगी सुविधा
सरकार ने देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना को मंजूरी दी है। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के अलावा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य भी शामिल हैं। दक्षिण भारत के तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के साथ पूर्वोत्तर के कई राज्यों और लगभग सभी केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस सूची में जगह दी गई है।

60 दिनों के लिए विशेष योजना
यह योजना 29 मार्च से लागू होकर अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान लोग अपने नजदीकी राशन डिपो से सरकारी दरों पर मिट्टी का तेल खरीद सकेंगे। हर जिले में 2 पेट्रोल पंप भी तय किए जाएंगे। इन पंपों पर अधिकतम 5000 लीटर स्टॉक की सीमा होगी। केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसीन जारी किया है।
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किसे कितना मिलेगा?
हर परिवार को मिलने वाली मात्रा राज्य सरकारें तय करेंगी, जो स्थानीय मांग और उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर होगी। बात दे की केरोसीन का उपयोग सिर्फ घरेलू कामों के लिए होगा। खाना पकाने और रोशनी (लालटेन) के लिए ही इस्तेमाल की अनुमति और कमर्शियल या औद्योगिक उपयोग पर पूरी तरह रोक।

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क्यों लिया गया फैसला?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते एलपीजी (LPG) की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया गया है। पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत कई राज्यों में केरोसीन की सप्लाई बंद कर दी गई थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे दोबारा शुरू किया गया है ताकि लोगों की रसोई पर असर न पड़े।

