कान में झुमका, फैंसी दुप्पटा..., महाराष्ट्र पहुंचीं कथावाचक जया किशोरी ने बताया उन्हें क्या पसंद है

punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 12:35 PM (IST)

नारी डेस्क:  कान में झुमका, फैंसी दुपट्टा और चेहरे पर मुस्कान... पुणे में खास अंदाज़ में दिखीं जया किशोरी, अपनी पसंद और शादी पर खुलकर बोलीं  प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी पुणे में गणेशोत्सव के कार्यक्रम में शामिल हुईं। पारंपरिक लुक में नजर आईं जया ने अपने मन की बातें साझा कीं  खाने की पसंद से लेकर शादी और डीजे पर राय तक खुलकर बात की।

महाराष्ट्र पहुंचीं जया किशोरी, कहा- यहां आकर लगता है घर जैसा

जया किशोरी इन दिनों महाराष्ट्र के पुणे में हैं, जहां वे गणेशोत्सव के एक खास आयोजन में शामिल हुईं। जब मीडिया ने उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र आना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि उनकी मां यहीं की हैं, और यहीं उनका ननिहाल भी है। इसलिए यहां का माहौल, खाना और संस्कृति उन्हें बहुत भाते हैं।

झुमका और दुपट्टे में दिखीं बेहद आकर्षक

इस कार्यक्रम में जया किशोरी का लुक सबका ध्यान खींचने वाला था। कानों में झुमका और फैंसी दुपट्टा ओढ़े जया बेहद पारंपरिक और सुंदर नजर आ रही थीं। वे श्रीमंत बाबूसाहेब रंगारी गणपति मंडल के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुईं, और इस आयोजन को "प्रमोशन" कहकर मुस्कराईं। उन्होंने कहा कि पिछली बार सिर्फ आरती में आई थीं, लेकिन इस बार उन्हें प्राण प्रतिष्ठा में आने का सौभाग्य मिला।

लोगों से की अपील: 10 दिन भक्ति में डूब जाएं

जया किशोरी ने लोगों से आग्रह किया कि गणेशोत्सव के इन 10 दिनों में आधुनिकता को थोड़ी देर के लिए छोड़ दें और पूरी तरह भक्ति और आस्था में लीन हो जाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह से त्योहार का असली आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की जा सकती है।

अपनी शादी पर क्या बोलीं जया किशोरी?

जया किशोरी से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने बप्पा से अपनी शादी को लेकर कोई मन्नत मांगी है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए जवाब दिया “मैंने अपनी शादी के लिए कुछ नहीं मांगा, वो तो हो ही जाएगी। मैंने सिर्फ यही मांगा कि भगवान की कृपा सब पर बनी रहे।” उनका यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और उनकी सादगी की तारीफ की।

लोकल के लिए वोकल बनीं जया किशोरी

कार्यक्रम में उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की स्थानीय कला और कलाकारों को ज्यादा मौके मिलने चाहिए। उन्होंने कहा: “जब दुनिया के बाकी हिस्सों में शिक्षा शुरू भी नहीं हुई थी, तब भारत में 730,000 गुरुकुल थे। हमें अपनी परंपरा और कारीगरी पर गर्व करना चाहिए।”

 डीजे मुक्त गणपति की सराहना की

जया किशोरी ने पुणे के पुनीत बालन द्वारा आयोजित डीजे-मुक्त गणपति उत्सव की खास सराहना की। उन्होंने कहा “डीजे-मुक्त आयोजन सच्ची भक्ति और अध्यात्म को दर्शाते हैं। यह अच्छा है कि लोग अब ध्वनि प्रदूषण से दूर, शांत और सार्थक तरीके से त्योहार मना रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि गणेशोत्सव का असली उद्देश्य सिर्फ नाच-गाने या शोर-शराबा नहीं, बल्कि समूह में मिलकर अध्यात्म और संस्कृति का जश्न मनाना है।

अंत में जया किशोरी ने सभी भक्तों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं और प्रार्थना की कि बप्पा सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और भक्ति का प्रकाश फैलाएं।
  

 


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Content Editor

Priya Yadav

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