रामायण की दुनिया में आभूषणों का अनूठा संसार: Tribe Amrapali ने गहनों के जरिए अयोध्या-लंका को दिया खास रूप
punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 08:15 PM (IST)
नारी डेस्क: नितेश तिवारी की फिल्म रामायण की झलकियां सामने आने के साथ ही दर्शकों के बीच इस भव्य सिनेमाई दुनिया को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है। रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और रॉकिंग स्टार यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में शानदार दृश्यों और दमदार कहानी के साथ-साथ किरदारों की वेशभूषा और आभूषण भी खास भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इसी कड़ी में Tribe Amrapali ने फिल्म के लिए आभूषण तैयार किए हैं, जो अयोध्या, मिथिला और लंका के अलग-अलग सांस्कृतिक और शाही स्वरूप को दर्शाते हैं।
नमित मल्होत्रा की रामायण के लिए Tribe Amrapali आधिकारिक आभूषण सहयोगी है। ब्रांड की डिजाइन टीम ने प्राचीन भारतीय आभूषण कला, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की कलाकृतियों, मूर्तियों और पारंपरिक आभूषणों से प्रेरणा लेकर फिल्म के लिए खास डिजाइन तैयार किए हैं। इन गहनों का उद्देश्य केवल किरदारों की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि उनकी पहचान, व्यक्तित्व और संबंधित राज्य की संस्कृति को भी पर्दे पर जीवंत करना है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह दो भागों वाली फिल्म भारतीय महाकाव्य रामायण की भव्य सिनेमाई प्रस्तुति है। फिल्म में सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। Tribe Amrapali का काम मुख्य किरदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शाही परिवारों, योद्धाओं, दरबारियों, सहायकों, सहायक कलाकारों और बड़ी संख्या में नजर आने वाले अन्य किरदारों के आभूषण भी शामिल हैं।
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18 महीनों की मेहनत से तैयार हुई आभूषणों की खास दुनिया
Tribe Amrapali की डिजाइन टीम ने क्रिएटिव हेड तरंग अरोड़ा के नेतृत्व में फिल्म की रचनात्मक टीम के साथ मिलकर 18 महीनों से अधिक समय तक शोध और डिजाइनिंग का काम किया। इस दौरान प्राचीन भारतीय आभूषणों, पौराणिक प्रतीकों, मंदिर कला और पारंपरिक शिल्प तकनीकों का अध्ययन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य तीनों राज्यों के लिए अलग-अलग डिजाइन पहचान तैयार करना था, ताकि दर्शक आभूषणों के जरिए भी अयोध्या की राजसी गरिमा, मिथिला की कोमल सुंदरता और लंका की भव्यता के बीच अंतर महसूस कर सकें।
अयोध्या: राजसी विरासत और दिव्य आभा की झलक
अयोध्या के आभूषणों को पारंपरिक शाही अंदाज, संतुलित डिजाइन और बारीक कारीगरी के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें भव्यता के साथ सादगी और गरिमा का भी ध्यान रखा गया है। आभूषणों की बनावट अयोध्या की राजसी परंपरा और आध्यात्मिक पहचान को दर्शाती है। भगवान राम के आभूषणों में सूर्य का प्रतीक प्रमुख रखा गया है। यह उनकी सूर्यवंशी वंश परंपरा का संकेत होने के साथ शक्ति, धर्म और दिव्य तेज का प्रतीक भी है। इसके अलावा धर्मचक्र से प्रेरित गोलाकार आकृतियों, कमल के फूल की बारीक बनावट और पारंपरिक नक्काशी का इस्तेमाल किया गया है। इन सभी तत्वों को इस तरह जोड़ा गया है कि भगवान राम के व्यक्तित्व की गरिमा, आदर्शों और आध्यात्मिक महत्व को आभूषणों के माध्यम से दर्शाया जा सके।

मिथिला: फूलों की नाजुक बनावट और प्राकृतिक सुंदरता
अयोध्या के आभूषण जहां शाही गरिमा और सममित डिजाइन पर आधारित हैं, वहीं मिथिला के गहनों में प्रकृति, फूलों और नाजुक कलाकारी को प्रमुखता दी गई है। इनके डिजाइन में फूलों की आकृतियां, घुमावदार रेखाएं और संतुलित बनावट देखने को मिलती है। माता सीता के आभूषणों को उनकी कोमलता, पवित्रता और आंतरिक शक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मिथिला की सांस्कृतिक समृद्धि और रामायण में वर्णित पवित्र उपवनों से प्रेरणा लेते हुए इन डिजाइनों में प्राकृतिक सौंदर्य और पारंपरिक आभूषण कला का मेल किया गया है। इन गहनों की खासियत उनकी बारीक सजावट और सहज सुंदरता है। डिजाइन में जरूरत से ज्यादा भव्यता के बजाय ऐसे तत्वों पर ध्यान दिया गया है, जो माता सीता के व्यक्तित्व और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को उभारते हैं।
लंका: शक्ति, भव्यता और नाटकीय डिजाइन का संगम
लंका के आभूषणों को बाकी दोनों राज्यों से बिल्कुल अलग रूप दिया गया है। यहां डिजाइन में बड़ी आकृतियों, असममित बनावट, तीखे किनारों, गहरे रंगों और विस्तृत नक्काशी को प्राथमिकता दी गई है। इन गहनों का उद्देश्य लंका की शक्ति, वैभव और नाटकीय व्यक्तित्व को प्रदर्शित करना है। रावण, कैकसी, मारीच, शूर्पणखा और विद्युत्जीव जैसे किरदारों के आभूषणों में कोणीय आकृतियों और गहरे रंग के रत्नों का इस्तेमाल किया गया है। इससे उनके व्यक्तित्व में तीव्रता, अधिकार और प्रभावशाली उपस्थिति का भाव उभरता है। हालांकि, लंका के सभी किरदारों को एक जैसा रूप नहीं दिया गया है। मंदोदरी और विभीषण के आभूषणों में अपेक्षाकृत संतुलित बनावट और गर्म, चमकदार रंगों वाले रत्नों को जगह दी गई है। इनके जरिए विवेक, संतुलन और आंतरिक शक्ति को दर्शाने का प्रयास किया गया है। इस तरह लंका के आभूषण केवल शक्ति और वैभव का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वहां के अलग-अलग किरदारों की सोच और व्यक्तित्व को भी सामने लाते हैं।

तरंग अरोड़ा ने बताया, क्यों खास है रामायण के साथ यह जुड़ाव?
Tribe Amrapali के क्रिएटिव हेड तरंग अरोड़ा ने इस सहयोग को अपने लिए बेहद खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि रामायण के साथ जुड़ने का सबसे रोमांचक पहलू इस असाधारण यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर था। उनके अनुसार, हम सभी रामायण की कहानी सुनते और पढ़ते हुए बड़े हुए हैं, लेकिन यह फिल्म उसी कालजयी महाकाव्य को नई पीढ़ी के सामने नए अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास है। यह ऐसी रामायण बन सकती है, जिससे आज के बच्चे और आने वाली पीढ़ियां जुड़ाव महसूस करें और इसे याद रखें। अरोड़ा ने कहा कि रामायण किसी एक व्यक्ति या ब्रांड से कहीं अधिक व्यापक है। इसकी जड़ें भारतीय पौराणिक कथाओं, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी हैं। ऐसी महत्वपूर्ण विरासत का हिस्सा बनना और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले प्रोजेक्ट में योगदान देना उनके लिए सम्मान की बात है।
फिल्म की रचनात्मक टीम ने भी कहा कि रामायण में हर रचनात्मक निर्णय प्रामाणिकता और उद्देश्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। Tribe Amrapali के आभूषण किरदारों के व्यक्तित्व, विरासत और उनके विकास को दर्शाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये गहने केवल सजावट का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि फिल्म की कहानी और किरदारों की दृश्य पहचान से जुड़े हुए हैं। अरोड़ा ने आगे बताया कि इस फिल्म के लिए आभूषण तैयार करना उनके लिए बेहद रचनात्मक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। सबसे बड़ी चुनौती हजारों गहने बनाना भर नहीं थी, बल्कि इतने बड़े संसार के प्रत्येक किरदार के लिए उसकी पहचान, भावनाओं और कहानी के अनुरूप अलग डिजाइन तैयार करना था। इसके लिए ऐतिहासिक शोध और कलात्मक कल्पना के बीच संतुलन बनाना जरूरी था।

रामायण के पहले भाग के लिए तैयार किए गए 4,500 से अधिक आभूषण
रामायण के पहले भाग के लिए Tribe Amrapali ने 4,500 से अधिक अलग-अलग आभूषण तैयार किए हैं। इस विशाल काम में डिजाइनरों, अनुभवी कारीगरों, मॉडल निर्माताओं और प्रोडक्शन टीम ने मिलकर योगदान दिया। इस प्रक्रिया में शोध, शुरुआती विचार, डिजाइन स्केच, सामग्री का चयन, मॉडल तैयार करना, कारीगरी, जोड़ने और अंतिम रूप देने जैसे कई चरण शामिल रहे। प्रत्येक आभूषण को संबंधित किरदार और उसके राज्य की दृश्य पहचान के अनुरूप तैयार किया गया। गहनों को खास रूप देने के लिए धातु पर उभरी हुई नक्काशी, बारीक उत्कीर्णन, तारों से प्रेरित जालीदार कारीगरी और छोटे-छोटे दानों जैसी सजावट वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इनसे आभूषणों में गहराई, बनावट और बारीक विवरण उभरकर सामने आते हैं। मुख्य किरदारों के भव्य आभूषणों से लेकर सहायक कलाकारों और बड़े समूहों के लिए बनाए गए गहनों तक, प्रत्येक डिजाइन फिल्म की व्यापक दृश्य दुनिया का हिस्सा है। यह सहयोग भारतीय पारंपरिक कारीगरी की उस क्षमता को भी सामने लाता है, जिसके जरिए पीढ़ियों से चली आ रही शिल्प परंपराओं को आधुनिक सिनेमा के अनुरूप प्रस्तुत किया जा सकता है। पारंपरिक तकनीकों और नई रचनात्मक सोच का मेल इन आभूषणों को खास बनाता है।
भारतीय शिल्प और सिनेमा के बीच अनूठा संगम
Tribe Amrapali के लिए रामायण केवल एक फिल्म के साथ सहयोग नहीं है, बल्कि आभूषणों को संस्कृति, पहचान और कहानी कहने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर भी है। अयोध्या की राजसी चमक, मिथिला की पुष्प कला और लंका की प्रभावशाली भव्यता के जरिए फिल्म में तीन अलग-अलग संसारों की दृश्य पहचान तैयार की गई है। इस काम में भारतीय कारीगरों की कुशलता और पारंपरिक आभूषण निर्माण की विरासत को भी प्रमुखता मिली है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस दो भागों वाली फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से किया है। फिल्म को विश्व स्तर पर आईमैक्स में रिलीज करने की योजना है।
निर्माताओं के अनुसार, रामायण का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर में रिलीज होने वाला है, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में आएगा। फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज की जाएगी। भारत के बाहर फिल्म के वितरण की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स के पास होगी, जबकि हिंदी भाषी बाजार में धर्मा प्रोडक्शंस इसका वितरण करेगा।
Tribe Amrapali के बारे में
Tribe Amrapali की शुरुआत मार्च 2013 में एक ऑनलाइन स्टोर के रूप में हुई थी। यह ब्रांड अपनी मूल कंपनी Amrapali की पारंपरिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक और किफायती आभूषण तैयार करता है। इसके डिजाइन में चांदी, सोने की परत चढ़ी चांदी और फैशन ज्वेलरी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ब्रांड पारंपरिक लोककथाओं, सांस्कृतिक प्रतीकों और विविध कलात्मक पहचान को समकालीन डिजाइन के साथ जोड़ने के लिए जाना जाता है।
वेबसाइट: www.tribeamrapali.com
इंस्टाग्राम: @tribebyamrapali

