सीने में चुभन हमेशा गैस का दर्द नहीं होता, करें सही पहचान, वरना बढ़ सकती है दिक्कत
punjabkesari.in Sunday, Mar 15, 2026 - 10:09 AM (IST)
नारी डेस्क: सीने में अचानक चुभन या दर्द होना कई लोगों के लिए डरावना अनुभव होता है। अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि यह दर्द हार्ट अटैक का संकेत है या सिर्फ गैस और एसिडिटी की वजह से हो रहा है। कई बार लोग गैस समझकर दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह गंभीर हृदय समस्या भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि दोनों स्थितियों के बीच का फर्क समझा जाए और समय पर सही कदम उठाया जाए।
सीने में दर्द के पीछे क्या हो सकते हैं कारण
सीने में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम कारण गैस, एसिडिटी, मांसपेशियों में खिंचाव, फेफड़ों की समस्या या दिल से जुड़ी बीमारी हो सकते हैं। कई बार ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने के बाद गैस बनने से भी सीने में चुभन या जलन महसूस होती है। वहीं अगर दिल तक जाने वाली धमनियों में ब्लॉकेज हो जाए तो यह हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। इसलिए सिर्फ दर्द की जगह देखकर यह तय करना मुश्किल होता है कि समस्या क्या है। इसके साथ आने वाले दूसरे लक्षणों को भी ध्यान से समझना जरूरी होता है।
हार्ट अटैक के समय सीने में दर्द कैसा होता है
हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द अक्सर दबाव, भारीपन या कसाव जैसा महसूस होता है। कई लोग बताते हैं कि ऐसा लगता है जैसे कोई भारी चीज छाती पर रख दी गई हो। यह दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता बल्कि बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, पीठ या जबड़े तक भी फैल सकता है। इसके साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे

अचानक सांस फूलना
ठंडा पसीना आना
चक्कर या कमजोरी महसूस होना
मतली या उल्टी जैसा लगना
बेचैनी या घबराहट
अगर ये लक्षण 10–15 मिनट से ज्यादा समय तक बने रहते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गैस या एसिडिटी का दर्द कैसा होता है
गैस या एसिडिटी की वजह से होने वाला दर्द आमतौर पर जलन या चुभन जैसा महसूस होता है। यह दर्द अक्सर खाने के बाद या लेटने पर बढ़ जाता है। गैस का दर्द कई बार पेट से शुरू होकर सीने तक महसूस हो सकता है। इसके साथ कुछ सामान्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे
पेट फूलना
डकार आना
सीने में जलन
खाना पचने में भारीपन महसूस होना
अक्सर गैस का दर्द एंटासिड दवा लेने या डकार आने के बाद कम हो जाता है।
हार्ट अटैक और गैस के दर्द में मुख्य अंतर
हार्ट अटैक और गैस के दर्द में कुछ स्पष्ट अंतर होते हैं जिन्हें समझना जरूरी है। हार्ट अटैक का दर्द आमतौर पर लगातार बढ़ता रहता है और आराम करने से भी कम नहीं होता। इसके साथ सांस फूलना, पसीना आना और बेचैनी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। वहीं गैस का दर्द अक्सर खाने से जुड़ा होता है और थोड़ी देर में कम हो सकता है। डकार आने या गैस निकलने के बाद राहत मिल जाती है। फिर भी कई बार दोनों के लक्षण एक जैसे लग सकते हैं, इसलिए सिर्फ अनुमान के आधार पर फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है।

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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है
कुछ लोगों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए अगर उन्हें सीने में दर्द हो तो तुरंत जांच करवानी चाहिए। इनमें शामिल हैं
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
डायबिटीज से पीड़ित लोग
ज्यादा कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
धूम्रपान करने वाले
मोटापा या कम शारीरिक गतिविधि वाले लोग
जिनके परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास है ऐसे लोगों को सीने में दर्द को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
सीने में दर्द होने पर क्या करें
अगर अचानक सीने में तेज दर्द हो और उसके साथ सांस लेने में दिक्कत, पसीना या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या नजदीकी अस्पताल जाएं। अगर दर्द गैस की वजह से लगता है तो हल्का भोजन करना, पानी पीना और डॉक्टर की सलाह से एंटासिड लेना मददगार हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीने के दर्द को नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
सीने में चुभन या दर्द को हमेशा साधारण गैस समझकर टालना सही नहीं है। कई बार यह दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
इसलिए अगर दर्द बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या उसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं तो तुरंत मेडिकल जांच करवाना जरूरी है। सही समय पर पहचान और इलाज ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है।

