हाई-प्रोटीन Diet लेते वक्त न करें ये गलतियां, वरना बढ़ सकती हैं ये मुश्किलें
punjabkesari.in Monday, Jan 26, 2026 - 03:34 PM (IST)
नारी डेस्क : आज के समय में वजन घटाने, मसल्स बनाने और फिट रहने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट सबसे ज्यादा ट्रेंड में है। जिम जाने वाले हों या वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोग हर कोई अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ा रहा है। यह सच है कि प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों और इम्यून सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन गलत तरीके से लिया गया प्रोटीन फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

कई लोगों को हाई-प्रोटीन डाइट शुरू करते ही पेट फूलना, कब्ज, गैस, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। तब अक्सर लोग यह कह देते हैं कि “मुझ पर हाई-प्रोटीन डाइट सूट नहीं करती।” जबकि असल समस्या प्रोटीन नहीं, बल्कि उसे लेने का गलत तरीका होता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर प्रोटीन को सही संतुलन के साथ लिया जाए, तो यह आपकी सेहत और लाइफस्टाइल दोनों को बेहतर बना सकता है। आइए जानते हैं हाई-प्रोटीन डाइट के दौरान की जाने वाली 3 सबसे बड़ी गलतियां, जिनसे बचना बेहद जरूरी है।
हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पानी कम पीना
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, हाई-प्रोटीन डाइट लेते समय पानी की मात्रा बढ़ाना बेहद जरूरी होता है। जब हम ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो शरीर में यूरिया ज्यादा बनता है, जिसे बाहर निकालने के लिए पर्याप्त पानी चाहिए।
यें भी पढ़ें : रोज सुबह भीगी अजवाइन खाएं, 30 दिन में दिखेंगे सेहत से जुड़े 10 जबरदस्त फायदे
अगर पानी कम पिया जाए तो
डिहाइड्रेशन हो सकता है
किडनी पर दबाव बढ़ता है
थकान और सिरदर्द की समस्या हो सकती है
सलाह: हाई-प्रोटीन डाइट लेते समय दिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं।

फाइबर को पूरी तरह नजरअंदाज करना
कई लोग प्रोटीन बढ़ाने के चक्कर में पूरा खाना छोड़कर सिर्फ शेक्स और सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं।
इसका सीधा असर फाइबर इनटेक पर पड़ता है।
यें भी पढ़ें : अब 150 साल जिएंगे लोग! आई नई एंटी-एजिंग दवा, खाते ही रुक जाएगा बुढ़ापा
फाइबर की कमी से
पाचन धीमा हो जाता है
गैस और पेट फूलने की समस्या होती है
कब्ज की शिकायत बढ़ जाती है
फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं, जिन्हें डाइट से हटाना भारी पड़ सकता है।
सलाह: प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर युक्त फूड जैसे सलाद, सब्जियां और अनाज जरूर शामिल करें।

फल और सब्जियों को डाइट से हटाना
कुछ हाई-प्रोटीन डाइट, खासकर जिनमें एनिमल प्रोटीन ज्यादा होता है, शरीर में एसिडिटी बढ़ा सकती हैं।
इस एसिडिटी को बैलेंस करने के लिए पोटैशियम की जरूरत होती है, जो मुख्य रूप से फलों और सब्जियों से मिलता है।
यें भी पढ़ें : सर्दियों में सूख गया है तुलसी का पौधा तो हरा-भरा करने के लिए अपनाएं ये तरीके
जब फल और सब्जियां कम हो जाती हैं
एसिडिटी और जलन बढ़ सकती है
शरीर का मिनरल बैलेंस बिगड़ता है
कमजोरी महसूस हो सकती है
सलाह: केला, संतरा, पालक, खीरा और अन्य फल-सब्जियों को डाइट में जरूर शामिल करें।
हाई-प्रोटीन डाइट तब ही असरदार होती है, जब उसे सही सपोर्ट मिले। सिर्फ प्रोटीन बढ़ा लेना काफी नहीं है। उसके साथ पानी, फाइबर और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। याद रखें, प्रोटीन अकेले चमत्कार नहीं करता, बल्कि संतुलित डाइट ही आपको हेल्दी और फिट बनाती है।

