डायबिटीज में न करें ये गलतियां, वरना नसें हो सकती हैं डैमेज
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 12:40 PM (IST)
नारी डेस्क: डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। यह आपके शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है, खासकर नसों को। अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो समय के साथ नसें डैमेज, धमनियों में ब्लॉकेज, पैरों में अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इंस्टाग्राम पर वैस्कुलर सर्जन और वेरिकोज़ वीन स्पेशलिस्ट डॉ. सुमित कपाड़िया ने बताया कि डायबिटीज मरीज अक्सर कुछ गलतियां कर देते हैं, जो धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचाती हैं।
डायबिटीज में नसों को नुकसान पहुंचाने वाली 5 आम गलतियां
सिर्फ शुगर नंबर पर ध्यान देना
कई मरीज केवल फास्टिंग शुगर या HbA1c देखते हैं और सोचते हैं कि सब ठीक है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपकी धमनियां सुरक्षित हों। इंसुलिन रेजिस्टेंस, शरीर में सूजन (Inflammation) और लिपिड डैमेज धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं।

कम चलना
डायबिटीज मरीज पैरों में दर्द या थकान के कारण कम चलते हैं। लेकिन ज्यादा निष्क्रिय रहना ब्लड सर्कुलेशन को कमजोर करता है और नसों और धमनियों को ज्यादा नुकसान पहुंचता है।
पैरों पर ध्यान न देना
कई मरीज तब तक पैरों का ध्यान नहीं रखते जब तक घाव या अल्सर नहीं निकल आते। लेकिन पैरों का रंग बदलना, सुन्नपन या दर्द शुरुआती लक्षण होते हैं। समय रहते पैरों की जांच करना बहुत जरूरी है।
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लक्षण दिखने पर ही प्रतिक्रिया देना, लाइफस्टाइल नहीं बदलना
डायबिटीज के मरीज अक्सर शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को देखकर दवा लेते हैं लेकिन अपनी आदतें नहीं बदलते। कम नींद, गलत डाइट और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत नसों के लिए नुकसानदायक होती है।
नियमित स्क्रीनिंग न करवाना
केवल दर्द या समस्या शुरू होने पर डॉक्टर के पास जाना सही नहीं है। नसों और धमनियों में ब्लॉकेज शुरू हो चुका होता है। समय रहते वैस्कुलर स्क्रीनिंग करवाने से ब्लॉकेज और डैमेज का पता लग जाता है और परेशानी बढ़ने से पहले इलाज किया जा सकता है।

डॉक्टर की सलाह
डायबिटीज का मतलब सिर्फ शुगर बढ़ना नहीं है। यह आपके दिल, दिमाग, किडनी और पैरों को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए- अपनी लाइफस्टाइल सुधारें। पैरों की नियमित जांच करें। समय-समय पर वैस्कुलर स्क्रीनिंग करवाएं। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।
अगर आप इन गलतियों से बचेंगे तो नर्व डैमेज की संभावना कम हो जाएगी और डायबिटीज के प्रभाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।

