बार-बार सिरदर्द होता है? वजह हो सकती है कब्ज-एसिडिटी, अपनाएं ये घरेलू उपाय
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 11:52 AM (IST)
नारी डेस्क : सिरदर्द आज के समय की सबसे आम समस्याओं में से एक है। लगभग हर व्यक्ति को कभी न कभी सिर दर्द की शिकायत होती है। अक्सर लोग तुरंत पेनकिलर का सहारा लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए राहत तो मिल जाती है, लेकिन असली कारण जस का तस बना रहता है। आयुर्वेद और आधुनिक रिसर्च दोनों मानते हैं कि सिरदर्द की जड़ पेट और पाचन तंत्र की गड़बड़ी हो सकती है।
पेट की गड़बड़ी से जुड़ा है सिरदर्द
आयुर्वेद के अनुसार, सिरदर्द केवल सिर की बीमारी नहीं बल्कि शरीर के अंदर चल रही समस्याओं का संकेत होता है। खासकर कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी परेशानियां सिरदर्द को जन्म देती हैं। जब पाचन सही नहीं होता, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जो रक्त के जरिए दिमाग तक पहुंचकर दर्द पैदा करते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि सिरदर्द के कई प्रकार होते हैं, जिनमें वात, पित्त और कफ का असंतुलन मुख्य भूमिका निभाता है। इनमें से अधिकतर मामलों में पेट से जुड़ी समस्या पाई जाती है।

पित्त बढ़ने पर होता है सिरदर्द
बहुत ज्यादा तीखा, तला-भुना, मसालेदार या खट्टा खाना शरीर में पित्त बढ़ा देता है। यह बढ़ा हुआ पित्त रक्त के साथ सिर तक पहुंचकर जलन, भारीपन और आंखों के पीछे दर्द पैदा करता है। कई बार लोग इसे माइग्रेन समझ लेते हैं, जबकि इसकी जड़ पेट की समस्या होती है। वहीं, कब्ज या पेट में फंसी गैस भी सिरदर्द का बड़ा कारण है। पेट में जमा मल और विषैले तत्व दिमाग पर सीधा असर डालते हैं, ऐसे में केवल बाम लगाना या पेनकिलर लेना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
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बिना पेनकिलर कैसे ठीक करें सिरदर्द
अगर सिरदर्द बार-बार होता है, तो इन घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाया जा सकता है।
नस्य क्रिया :नाक में देसी गाय के घी की 2–3 बूंदें डालें। इससे पित्त शांत होता है और सिर की नसों को पोषण मिलता है।
धनिया पानी: रातभर भिगोए हुए धनिया के पानी में थोड़ी मिश्री मिलाकर सुबह पीने से एसिडिटी कम होती है और सिरदर्द में राहत मिलती है।
सूखा अदरक (सोंठ): कब्ज और गैस से होने वाले सिरदर्द में सोंठ का लेप या आयुर्वेदिक चूर्ण जैसे अविपत्तिकर चूर्ण फायदेमंद हो सकता है।

इन बातों का रखें खास ध्यान
बार-बार पेनकिलर लेने से पेट और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है
देर रात भारी भोजन करने से बचें
बहुत ठंडा, बासी और जंक फूड न खाएं
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और पेट साफ रखें
आज की आधुनिक रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करती है कि पेट और दिमाग के बीच सीधा संबंध होता है। जब पाचन तंत्र सही रहता है, तो सिरदर्द की समस्या अपने आप कम होने लगती है।
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सिरदर्द को सिर्फ सिर की बीमारी न समझें। अगर पेट स्वस्थ रहेगा, तो सिरदर्द खुद-ब-खुद छूमंतर हो जाएगा।

