कोरोना के बाद चूहों से इंसानों तक पहुंचा खतरनाक Hantavirus, कई देशों में अलर्ट!
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 11:25 AM (IST)
नारी डेस्क: दुनिया अभी कोरोना महामारी की यादों से पूरी तरह बाहर भी नहीं निकल पाई है कि अब एक और वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। इस बार मामला किसी भीड़भाड़ वाले शहर का नहीं, बल्कि ऐंटार्कटिका की सैर पर निकले एक लक्ज़री क्रूज़ शिप का है। ‘MV हॉन्डियस’ नाम का यह आलीशान समुद्री जहाज़ 1 अप्रैल को अर्जेंटीना से रवाना हुआ था। जहाज़ पर सवार यात्रियों को ऐंटार्कटिका और दुनिया के कुछ बेहद खूबसूरत लेकिन दूरदराज़ द्वीपों की सैर कराई जानी थी। लेकिन यात्रा के बीच अचानक कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते जहाज़ पर दहशत फैल गई। जांच में सामने आया कि यह मामला ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ का हो सकता है, जो आमतौर पर चूहों से फैलता है और दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी संक्रमण फैला सकता है।
ऐंटार्कटिका की लग्ज़री यात्रा कैसे बनी डरावना अनुभव
ऐंटार्कटिका दुनिया का सबसे ठंडा और सबसे साफ़ इलाका माना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक लक्ज़री क्रूज़ के जरिए पहुंचते हैं। बर्फीले पहाड़, पेंगुइन, व्हेल और अनोखे प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं। इसी तरह की एक यात्रा पर ‘MV हॉन्डियस’ 147 लोगों को लेकर निकला था। इनमें 88 यात्री और बाकी चालक दल के सदस्य थे। जहाज़ पर 23 देशों के लोग सवार थे। यात्रा के दौरान फॉकलैंड आइलैंड्स, साउथ जॉर्जिया और त्रिस्तान दा कुन्या जैसे द्वीपों पर रुकने का कार्यक्रम था।

पहले एक यात्री बीमार पड़ा, फिर बढ़ता गया खतरा
यात्रा शुरू होने के कुछ दिनों बाद, 6 अप्रैल को नीदरलैंड्स के 70 वर्षीय यात्री को तेज बुखार, सिरदर्द और पेट खराब होने की शिकायत हुई। जहाज़ पर मौजूद डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। 11 अप्रैल को उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी और आखिरकार उनकी मौत हो गई। उस समय यह साफ नहीं था कि बीमारी की वजह क्या है, क्योंकि जहाज़ पर विस्तृत लैब जांच की सुविधा मौजूद नहीं थी। शुरुआत में इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या माना गया, लेकिन इसके बाद दूसरे यात्रियों में भी लक्षण दिखने लगे, जिससे जहाज़ पर डर का माहौल बन गया।
मृत यात्री की पत्नी भी नहीं बच सकीं
यात्रा के दौरान जहाज़ सेंट हेलेना द्वीप पहुंचा, जहां मृत यात्री का शव उतारा गया। उनकी पत्नी भी वहीं से दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग के लिए रवाना हुईं।लेकिन उड़ान के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन उनकी भी मौत हो गई। जांच में पता चला कि वे हंटावायरस से संक्रमित थीं। यहीं से पूरी दुनिया में चिंता बढ़नी शुरू हुई, क्योंकि जिस वायरस की पहचान हुई, वह ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ था एक ऐसा दुर्लभ स्ट्रेन जो इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
क्या है हंटावायरस और कैसे फैलता है?
हंटावायरस आमतौर पर चूहों और दूसरे कृंतकों से फैलता है। यह उनके मल, मूत्र और लार में मौजूद होता है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित चूहों के संपर्क में आए या उनकी गंदगी से फैले वायरस वाले कण सांस के जरिए शरीर में चले जाएं, तो संक्रमण हो सकता है।
ये भी पढ़ें: दूध नहीं पीते तो भी नहीं होगी Calcium की कमी, डाइट में शामिल करें ये Foods
इस बीमारी के लक्षणों में शामिल हैं
तेज बुखार
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
सांस लेने में तकलीफ
खांसी
फेफड़ों में सूजन

गंभीर मामलों में किडनी और फेफड़े बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं और मौत भी हो सकती है।
क्यों बढ़ गई पूरी दुनिया की चिंता?
आमतौर पर हंटावायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता, लेकिन ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ का मामला अलग माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीबी संपर्क में आने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। यही वजह है कि जैसे ही पुष्टि हुई कि जहाज़ पर मौजूद लोग इस वायरस के संपर्क में आए हो सकते हैं, कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट हो गईं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 2 मई को जहाज़ पर एक और यात्री की मौत हो गई। वह जर्मनी का नागरिक था। इसके बाद जहाज़ पर दहशत फैल गई।
कई देशों में यात्रियों की तलाश शुरू
सबसे बड़ी चिंता उन 30-40 यात्रियों को लेकर हुई, जो यात्रा के बीच में ही सेंट हेलेना से अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए थे। इन यात्रियों में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, कनाडा, सिंगापुर और नीदरलैंड्स समेत कई देशों के लोग शामिल थे। अब स्वास्थ्य एजेंसियां इन सभी लोगों को ट्रैक कर रही हैं।कुछ यात्रियों ने खुद को घर पहुंचते ही आइसोलेट कर लिया, जबकि कुछ को स्वास्थ्य विभागों ने निगरानी में रखा है। एक स्विस यात्री में संक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है।
WHO ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। हालांकि संगठन ने साफ किया है कि फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है। जिन लोगों का संक्रमित यात्रियों से संपर्क रहा है, उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है। फिलहाल जहाज़ को स्पेन के कैनरी आइलैंड्स ले जाने की तैयारी की जा रही है, जहां यात्रियों को उतारकर पूरे जहाज़ को सैनिटाइज किया जाएगा।
कोरोना के बाद दुनिया अब ज्यादा सतर्क
कोरोना महामारी ने दुनिया को यह सिखा दिया है कि किसी भी नए संक्रमण को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यही कारण है कि हंटावायरस के इस मामले ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। हालांकि विशेषज्ञ बार-बार यही कह रहे हैं कि आम लोगों के लिए खतरा बेहद कम है, लेकिन फिर भी दुनियाभर के देश किसी भी संभावित जोखिम को लेकर पूरी सावधानी बरत रहे हैं।


