खतरनाक वायरस का कहर! इस शहर में 22 बच्चों की मौत, जानिए कैसे फैलता है संक्रमण

punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 12:50 PM (IST)

नारी डेस्क : गुजरात में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक इस वायरस की वजह से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य बच्चों का अस्पतालों में इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संदिग्ध मामलों की लगातार जांच की जा रही है और संक्रमित बच्चों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
चूंकि यह संक्रमण मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित कर रहा है, इसलिए माता-पिता के लिए इसके लक्षण, बचाव और समय पर इलाज की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए अलर्ट

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी बच्चे में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू किया जाए। साथ ही, उन इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं जहां सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) की संख्या अधिक है। लोगों को मिट्टी के घरों की दीवारों में मौजूद दरारों को भरने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।

PunjabKesari

क्या है चांदीपुरा वायरस Chandipura Virus ?

चांदीपुरा वायरस एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के काटने से फैलता है। यह एक जूनोटिक वायरस है, यानी ऐसा वायरस जो जानवरों या कीटों के माध्यम से इंसानों तक पहुंच सकता है। यह संक्रमण बच्चों में तेजी से फैल सकता है और गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) का कारण बन सकता है।

यें भी पढ़ेंं : गुणों से भरपूर मखाना इन 5 लोगों को नहीं खाना चाहिए

चांदीपुरा वायरस के शुरुआती लक्षण

इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे लग सकते हैं
लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
तेज बुखार और सिरदर्द हो 
कमजोरी और थकान
शरीर और मांसपेशियों में दर्द
उल्टी और चिड़चिड़ापन होना। 
भूख कम लगना

PunjabKesari

गंभीर होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

अगर संक्रमण बढ़ जाए तो बच्चे में निम्न समस्याएं हो सकती हैं
दौरे (Seizures)
सांस लेने में तकलीफ
बेहोशी या होश कम होना
निमोनिया
दिमाग में सूजन
ऑर्गन फेलियर
ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

यें भी पढ़ें : सोने की कलम से लिखी होती है इस मूलांक वालों की किस्मत, धन-वैभव खुद आता है इनके पास

क्या है इसका इलाज?

फिलहाल चांदीपुरा वायरस का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार सपोर्टिव ट्रीटमेंट, आईसीयू मॉनिटरिंग, तरल पदार्थ, ऑक्सीजन और न्यूरोलॉजिकल देखभाल के जरिए इलाज करते हैं। समय पर इलाज शुरू होने से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

PunjabKesari

बच्चों को कैसे बचाएं?

घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
बच्चों को सैंडफ्लाई और मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं।
कीट भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
घर की दीवारों और फर्श की दरारों को भरें, ताकि कीड़ों की संख्या कम हो।
बच्चों को बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धुलवाएं।
यदि बच्चे को तेज बुखार या दौरे जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static