चारधाम यात्रा पर मंडराया संकट! कपाट खुलने से पहले फैला ये खतरनाक वायरस
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 06:22 PM (IST)

नारी डेस्क: जहां एक तरफ चारधाम यात्रा की तैयारियां चल रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ ऐसी खबर सामने आई है जिसने सभी भक्तों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा से पहले 12 खच्चरों में H3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। इस खबर ने पूरे जिलें में हलचल मचा दी है, सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है।
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हर साल करीब 20,000 खच्चर संचालक केदारनाथ यात्रा में लगाए जाते हैं। इस बार यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन ने सभी खच्चरों और उनके संचालकों की पंजीकरण पंजीकरण और मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू की थी। यात्रा मार्ग पर चलने वाले करीब 300 खच्चरों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 12 खच्चरों में H3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई इसके तुरंत बाद ही उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया।
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अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संक्रमित खच्चर को यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा और हर कदम पर जांच की जाएगी। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल रहे हैं, जिसे लेकर सरकार ने पहले से ही तैयारियां शुरु कर दी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन ने सभी यात्रियों व खच्चर संचालकों से स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध मामले की रिपोर्ट करने की अपील की है।
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3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस एक एवियन (पक्षियों से संबंधित) फ्लू वायरस है, जो मुख्य रूप से पक्षियों, घोड़ों, कुत्तों और सील जैसे जानवरों को प्रभावित करता है। यह वायरस लंबे समय से जानवरों में पाया जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे इंसानों में भी संक्रमण फैलाते देखा गया है। यह आमतौर पर लेकिन कुछ मामलों में गंभीर बीमारी भी हो सकती है। माइल्ड (हल्का) संक्रमण करता है,संक्रमित पक्षी बिना लक्षण दिखाए भी इसे फैला सकते हैं। यह वायरस इक्वाइन इन्फ्लूएंजा के रूप में घोड़ों में पाया जाता है। संक्रमित घोड़ों में बुखार, खांसी, नाक से स्राव और सांस की तकलीफ देखी जाती है। यह तेजी से फैलता है और यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह घोड़ों के लिए घातक हो सकता है।