डायबिटीज के मरीजों के लिए खास पौधा, जानिए इंसुलिन प्लांट कैसे लगाएं
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 04:12 PM (IST)
नारी डेस्क: आजकल लोग घर को सुंदर बनाने के साथ-साथ सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं। इसी वजह से इंडोर प्लांट्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे ही पौधों में एक खास नाम है इंसुलिन प्लांट, जो न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाता है बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। अगर आप इसे घर में लगाना चाहते हैं, तो इसके बारे में कुछ जरूरी बातें जानना फायदेमंद रहेगा।
इंसुलिन प्लांट क्या है?
इंसुलिन प्लांट का वैज्ञानिक नाम कॉस्टस इग्नियस (Costus igneus) है। यह पौधा भारत के गर्म और नमी वाले इलाकों में आसानी से उगता है। इसकी पत्तियां मोटी, हरी और हल्की घुमावदार होती हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं। परंपरागत रूप से इसकी पत्तियों का इस्तेमाल सीमित मात्रा में शुगर से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है। यह पौधा ज्यादा देखभाल नहीं मांगता और घर के माहौल को ताजा बना देता है।

घर में इंसुलिन प्लांट कैसे लगाएं?
इंसुलिन प्लांट को गमले में लगाना बहुत आसान है। शुरुआत में इसकी ग्रोथ थोड़ी धीमी लग सकती है, लेकिन कुछ समय बाद यह अच्छे से बढ़ने लगता है। ऐसा गमला चुनें, जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए छेद हो मिट्टी के लिए कोकोपीट और वर्मी कम्पोस्ट को बराबर मात्रा में मिलाएं गमले में इस मिश्रण को भरें और ऊपर थोड़ी जगह खाली छोड़ें अब पौधे की कटिंग या जड़ को हल्का तिरछा लगाएं मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं और पानी डाल दें
इंसुलिन प्लांट की सही देखभाल कैसे करें?
इस पौधे को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां हल्की धूप आती हो । तेज और सीधी धूप से इसकी पत्तियां खराब हो सकती हैं। खिड़की के पास या बालकनी की हल्की रोशनी वाली जगह सबसे सही रहती है। इंसुलिन प्लांट को नमी पसंद होती है, लेकिन ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है। मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन गमले में पानी जमा न होने दें। जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें।

क्यों लगाएं इंसुलिन प्लांट?
थोड़ी-सी नियमित देखभाल से इंसुलिन प्लांट लंबे समय तक हरा-भरा रहता है। यह न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि एक पॉजिटिव और हेल्दी माहौल भी बनाता है। सीमित जगह वाले घरों के लिए यह एक बेहतरीन इंडोर प्लांट है।

