पेट्रोल-डीजल के कीमतों में बड़ा उछाल,आम आदमी की जेब पर पड़ेगा भारी असर
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 01:44 PM (IST)
नारी डेस्क: देश में ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। निजी तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 5.30 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये बढ़ाए गए हैं। यह वृद्धि तुरंत प्रभावी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिचालन लागत में वृद्धि है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे भारत में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए। सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
प्रमुख शहरों में नई कीमतें
पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर)
हैदराबाद: 107.46
कोलकाता: 105.41

मुंबई: 103.54
बेंगलुरु: 102.92
नई दिल्ली: 94.77
डीजल (रुपये प्रति लीटर)
ये भी पढ़ें: Covid से ठीक हुए लोगों को जरूर कराना चाहिए ये जरूरी Test!
हैदराबाद: 95.70
भुवनेश्वर: 92.77
चेन्नई: 92.39
नई दिल्ली: 87.67
आम आदमी पर असर
इस वृद्धि का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं। गुवाहाटी समेत कई शहरों में लोग टैंक भरवाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें फैलने से लोग घबराकर पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर रिफिलिंग स्टेशनों और डिपो पर भी भारी भीड़ देखने को मिली है। सरकार ने बार-बार आश्वासन दिया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, फिर भी पैनिक खरीदारी जारी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असद्दुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संकट को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा “सरकार ने पर्याप्त सामरिक पेट्रोलियम भंडार नहीं बनाए। देश में प्रमुख ईंधनों और उर्वरकों की कमी हो रही है। जनता सरकार की लापरवाही की कीमत चुका रही है। विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम और भी भारी बढ़ोतरी के साथ देखने को मिल सकते हैं।”
नायरा एनर्जी के दाम बढ़ाने के बाद देश में पेट्रोल-डीजल महंगे हो गए हैं। आम उपभोक्ताओं को इससे सीधा असर पड़ा है। सरकारी कंपनियों ने अभी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक तनाव के कारण भविष्य में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।

