2 साल के बच्चों को कौन से फल नहीं खिलाने चाहिए? जानें बच्चों के लिए किया जरूरी

punjabkesari.in Sunday, Mar 15, 2026 - 06:44 PM (IST)

नारी डेस्क : छोटे बच्चों की सेहत के लिए फल बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें विटामिन, मिनरल्स और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बच्चे की ग्रोथ और इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं। लेकिन हर फल छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं होता। खासकर 2 साल के बच्चों का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए कुछ फलों को देने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। अगर गलत फल या गलत तरीके से फल खिलाया जाए तो बच्चे को पेट दर्द, एलर्जी या घुटन जैसी समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं कि 2 साल के बच्चों को कौन से फल नहीं खिलाने चाहिए या बहुत सावधानी से देने चाहिए।

अंगूर (Grapes)

अंगूर छोटे बच्चों के लिए घुटन (Choking) का कारण बन सकते हैं, क्योंकि इनका आकार छोटा और सतह फिसलन भरी होती है। कई बार बच्चे इन्हें ठीक से चबाए बिना ही निगल लेते हैं, जिससे अंगूर गले में फंस सकता है। इसलिए 2 साल के बच्चों को अंगूर देते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। बेहतर है कि अंगूर को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ही बच्चे को खिलाया जाए, ताकि उसे खाने में आसानी हो और किसी तरह का खतरा न रहे।

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अनानास (Pineapple)

अनानास एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, लेकिन इसमें एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। छोटे बच्चों का पाचन तंत्र अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए अनानास खाने से उनके मुंह में जलन, एलर्जी, पेट दर्द या कभी-कभी दस्त की समस्या भी हो सकती है। इसी कारण 2 साल के बच्चों को अनानास बहुत कम मात्रा में और कभी-कभी ही देना चाहिए, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

स्ट्रॉबेरी (Strawberry)

स्ट्रॉबेरी स्वाद में मीठी और पौष्टिक होती है, लेकिन छोटे बच्चों में कभी-कभी इससे एलर्जी की समस्या हो सकती है। कुछ बच्चों को स्ट्रॉबेरी खाने के बाद त्वचा पर रैश, खुजली या लालपन दिखाई दे सकता है। इसलिए 2 साल के बच्चे को पहली बार स्ट्रॉबेरी खिलाते समय बहुत कम मात्रा में दें और उसके बाद बच्चे के शरीर में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया पर ध्यान रखें। अगर कोई परेशानी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।

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कच्चा पपीता

कच्चा पपीता छोटे बच्चों के पाचन के लिए भारी हो सकता है। 2 साल के बच्चों का पाचन तंत्र अभी पूरी तरह मजबूत नहीं होता, इसलिए कच्चा पपीता खाने से उनके पेट में गैस, अपच या दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर बच्चे को पपीता खिलाना हो तो हमेशा अच्छी तरह पका हुआ और मुलायम पपीता ही दें, ताकि वह आसानी से पच सके और बच्चे को किसी तरह की परेशानी न हो।

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बहुत ज्यादा खट्टे फल

संतरा, मौसंबी और नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, 2 साल के छोटे बच्चों को इन फलों को सीमित मात्रा में ही देना चाहिए। ज्यादा मात्रा में खट्टे फल खिलाने से बच्चे के पेट में एसिडिटी, जलन, पेट दर्द या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि इन फलों को कम मात्रा में और बच्चे की सहन क्षमता को ध्यान में रखकर ही खिलाया जाए।

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बच्चों के लिए कौन से फल सुरक्षित हैं?

2 साल के बच्चों को कुछ फल सुरक्षित रूप से खिलाए जा सकते हैं, जैसे केला, सेब (उबालकर या मैश करके), पका हुआ पपीता, चीकू और आम। ये फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बच्चों के लिए पौष्टिक भी होते हैं। इनमें विटामिन, मिनरल्स और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो बच्चे की ग्रोथ और इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। साथ ही ये फल पाचन में हल्के होते हैं, इसलिए छोटे बच्चों के पेट पर ज्यादा बोझ नहीं डालते और उन्हें आसानी से पच जाते हैं।

बच्चों को फल खिलाते समय रखें ये जरूरी बातें

फल हमेशा छोटे टुकड़ों में काटकर दें।
एक बार में बहुत ज्यादा फल न खिलाएं।
नए फल की शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करें।
अगर बच्चे को किसी फल से एलर्जी या परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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2 साल के बच्चों को फल खिलाना उनकी सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन सही फल और सही मात्रा का ध्यान रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। थोड़ी सावधानी रखकर आप अपने बच्चे को सुरक्षित और पौष्टिक आहार दे सकते हैं।
 


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Monika

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