मछली के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, बढ़ सकता है मौत तक का खतरा!
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 12:56 PM (IST)

नारी डेस्क : भारतीय खानपान में मछली को सेहतमंद भोजन माना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक शोध यह बताते हैं कि मछली के साथ कुछ खास चीजें खाने से शरीर पर जहरीला असर हो सकता है। कई बार यह असर इतना खतरनाक हो जाता है कि फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और यहां तक कि मौत तक का खतरा भी बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि मछली के साथ किन चीजों को कभी भी नहीं खाना चाहिए।
दूध और डेयरी उत्पाद (Milk and dairy products)
मछली के साथ दूध या किसी भी डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करना बेहद हानिकारक माना जाता है। आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखा गया है, यानी ऐसा भोजन संयोजन जो शरीर में विषाक्त प्रभाव पैदा कर सकता है। दरअसल, मछली और दूध दोनों के गुण पूरी तरह अलग होते हैं। मछली गर्म तासीर वाली होती है, जबकि दूध ठंडी तासीर का माना जाता है। इनके पचने का समय भी अलग-अलग होता है, जिसके कारण जब दोनों एक साथ खाए जाते हैं तो शरीर में टॉक्सिन्स बनने लगते हैं। इसका असर खासकर त्वचा पर देखा जाता है और लंबे समय तक ऐसा करने से सफेद दाग (विटिलिगो) जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। यही कारण है कि मछली खाने के बाद कम से कम 5–6 घंटे तक दूध या दूध से बने उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
दही (Curd)
मछली और दही को साथ में खाना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। दोनों की प्रकृति और पाचन प्रक्रिया अलग-अलग होती है, इसलिए जब इन्हें एक साथ खाया जाता है तो शरीर पर नकारात्मक असर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार यह संयोजन खून को गंदा कर सकता है, जिससे शरीर में एलर्जी, खुजली और स्किन प्रॉब्लम्स जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसके अलावा, यह पेट पर भी भारी पड़ता है और एसिडिटी, गैस तथा अपच की समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए मछली खाने के बाद दही या दही से बने किसी भी व्यंजन का सेवन करने से बचना चाहिए।
तिल और तिल से बने पदार्थ (Sesame and sesame products)
मछली और तिल दोनों ही गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ माने जाते हैं। जब इन्हें एक साथ खाया जाता है तो शरीर में गर्मी अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे रक्त दोष उत्पन्न हो सकता है। इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है और धीरे-धीरे चर्म रोग, दाने, खुजली और एलर्जी जैसी समस्याएं जन्म लेने लगती हैं। आयुर्वेद में इस संयोजन को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है, इसलिए मछली खाने के तुरंत बाद तिल या तिल से बने लड्डू, गजक और मिठाइयों का सेवन करने से बचना चाहिए।
आम (Mango)
मछली और आम का संयोजन भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। आम मीठा और भारी फल होता है, जबकि मछली का स्वभाव गर्म और प्रोटीन से भरपूर होता है। जब ये दोनों एक साथ खाए जाते हैं तो शरीर में रिएक्शन हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और पेट खराब जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। कई बार इसका असर इतना गंभीर हो सकता है कि उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी परेशानी तक हो जाती है। इसलिए मछली खाने के तुरंत बाद या पहले आम का सेवन करने से बचना ही सुरक्षित माना जाता है।
उड़द की दाल (Urad dal)
मछली और उड़द की दाल का कॉम्बिनेशन पचाने में बेहद कठिन होता है। उड़द की दाल अपने आप में भारी होती है और जब इसे मछली के साथ खाया जाता है तो यह पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इसके कारण पेट में भारीपन, गैस, बदहजमी और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इस तरह का संयोजन खाने से आंतों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए सेहत को सुरक्षित रखने के लिए मछली और उड़द की दाल को कभी भी एक साथ नहीं खाना चाहिए।
शहद (Honey)
आयुर्वेद के अनुसार मछली और शहद का सेवन एक साथ करना बेहद हानिकारक है। दोनों की तासीर और गुण अलग होते हैं, जिसके कारण इन्हें मिलाकर खाने से शरीर में टॉक्सिक रिएक्शन हो सकता है। यह विषैले प्रभाव रक्त में फैलकर एलर्जी, त्वचा संबंधी रोग और कई बार गंभीर बीमारियों तक का कारण बन सकता है। लंबे समय तक ऐसा करने से स्वास्थ्य पर घातक असर पड़ सकता है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है। इसलिए मछली खाने के बाद शहद या उससे बने पदार्थों का सेवन करने से सख्ती से बचना चाहिए।
करेला (Bitter gourd)
करेले की तीखी कड़वाहट और मछली का विशिष्ट स्वाद आपस में मेल नहीं खाते और यह संयोजन शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। दोनों को एक साथ खाने से फूड एलर्जी, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह पाचन तंत्र को भी कमजोर कर देता है और शरीर में असहजता बढ़ा देता है। इसलिए करेला और मछली का सेवन कभी भी एक साथ नहीं करना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचा जा सके।
फलों का सेवन (खासकर खट्टे फल) (Fruit consumption)
मछली खाने के तुरंत बाद खट्टे फलों का सेवन करना बेहद हानिकारक हो सकता है। संतरा, नींबू, अनार, अंगूर जैसे फल अम्लीय गुण वाले होते हैं और जब ये मछली के साथ मिलते हैं तो पेट में रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और त्वचा पर एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यही कारण है कि मछली खाने के कम से कम 4–5 घंटे बाद ही खट्टे फलों का सेवन करना सुरक्षित माना जाता है।
ज्यादा नींबू या विटामिन C (lemon or vitamin C)
मछली के साथ नींबू या अन्य खट्टे फलों का अत्यधिक सेवन करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, नींबू और खट्टे फलों में पाया जाने वाला विटामिन C जब मछली में मौजूद कुछ तत्वों के साथ मिल जाता है, तो यह आर्सेनिक टॉक्सिसिटी या फिश पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसका असर शरीर में उल्टी-दस्त, एलर्जी, चकत्ते और कमजोरी के रूप में दिखाई दे सकता है। इसलिए मछली खाते समय नींबू या अन्य खट्टे फलों का सेवन केवल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि उनके स्वाद का आनंद भी मिले और स्वास्थ्य पर कोई गलत असर भी न पड़े।
ज्यादा मीठा (Sweet)
मछली के साथ अधिक शुगर या मीठी चीजों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जब मछली जैसे प्रोटीन से भरपूर भोजन के साथ ज्यादा शुगर या स्वीट डिशेज खाई जाती हैं, तो यह शरीर में ब्लड शुगर स्पाइक्स पैदा करती है। लंबे समय तक ऐसा करने से डायबिटीज का खतरा, वजन बढ़ना और मेटाबॉलिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, मीठा और मछली का संयोजन पचाने में भी भारी पड़ता है, जिससे अपच और गैस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए मछली खाने के बाद अत्यधिक मीठा खाने से बचना चाहिए और केवल संतुलित मात्रा में ही मीठे का सेवन करना सुरक्षित रहता है।
यदि कभी मछली खाने के बाद खुजली, उल्टी, दस्त, सांस लेने में कठिनाई या चकत्ते दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।