गले में फंसी मछली की हड्डी ने हराम कर दी रात, तड़पता रहा मरीज, डॉक्टरों ने बचाई जान
punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 02:20 PM (IST)
नारी डेस्क: दिल्ली में एक अनोखा और डरावना मामला सामने आया। मछली खाना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही हुआ, जब एक शख्स के गले में मछली का कांटा फंस गया। पूरी रात दर्द से तड़पने के बाद डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की मदद से हड्डी निकालकर उसकी जान बचाई।
घटना कैसे हुई
यह घटना शनिवार रात की है। मरीज बड़े चाव से मछली का आनंद ले रहा था, तभी अचानक एक नुकीली हड्डी उसके गले में उतर गई। शुरू में उसने सोचा कि यह किसी तरह नीचे चली जाएगी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, दर्द और जलन बढ़ती गई। मरीज को गले में चुभन और निगलने में कठिनाई होने लगी। पूरी रात वह करवटें बदलता रहा और चैन की नींद नहीं ले सका। सुबह होते ही वह ईएनटी विभाग में पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर पाई और तुरंत एंडोस्कोपिक जांच करने का निर्णय लिया।

एंडोस्कोपी से कांटे का सुरक्षित निकास
एंडोस्कोपी एक आधुनिक तकनीक है जिसमें पतली नली और कैमरे के जरिए शरीर के अंदरूनी हिस्सों को देखा जाता है। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मछली की लंबी और नुकीली हड्डी जीभ के नीचे और वैलेकुला के पास फंसी हुई थी, जो गले का बहुत ही संवेदनशील हिस्सा है। डॉ. और उनकी टीम ने सावधानी और सटीकता से एंडोस्कोपिक उपकरणों का इस्तेमाल करके हड्डी को बाहर निकाला। हड्डी निकलते ही मरीज को तुरंत आराम और राहत मिली।
डॉक्टरों की सलाह
डॉ. कहते हैं कि अगर मछली का कांटा फंस जाए और इलाज में देरी हो, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। लंबी देर तक फंसी हड्डी गले के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है और संक्रमण या फोड़ा बना सकती है। कभी-कभी हड्डी भोजन नली या सांस की नली तक चली जाती है, जिससे फेफड़ों या दिल के पास धमनी को खतरा हो सकता है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि फौरन एंडोस्कोपिक इलाज ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

मछली खाते समय ध्यान रखें ये बातें
मछली को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खाएं। खाने के दौरान बातचीत या ध्यान भटकने से बचें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को कांटों वाली मछली न दें। गले में फंसने पर सूखा चावल या केला खाने की सलाह गलत हो सकती है, क्योंकि यह हड्डी को और अंदर धकेल सकता है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

