गाय-भैंस के ब्याने के बाद मिलने वाली खीस के फायदे, पाचन से लेकर डायबिटीज करें Control
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 02:06 PM (IST)
नारी डेस्क : कई बार गलत खान-पान और असंतुलित आहार की वजह से हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ता है और पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे में अगर हम सही और पौष्टिक चीजों का सेवन करें, तो यह हमारी सेहत को मजबूत बना सकती हैं। इसी तरह, कमजोर पाचन को सुधारने और शरीर को पोषण देने में गाय या भैंस के ब्याने के बाद मिलने वाली खीस बेहद लाभकारी मानी जाती है। इसमें सामान्य दूध की तुलना में कई गुना अधिक प्रोटीन, विटामिन A और एंटीबॉडी पाए जाते हैं। खीस पाचन सुधारती है, इम्युनिटी बढ़ाती है और दस्त व डायबिटीज जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद है।
गाय या भैंस के दूध से पहले मिलता है
खीस, जिसे कोलेस्ट्रम भी कहा जाता है, गाय या भैंस के पहले दूध से मिलता है। अक्सर लोग इसके फायदों से अनजान रहते हैं, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे स्वास्थ्य के लिए ‘अमृत’ मानते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए रामबाण है, जिनका पाचन तंत्र कमजोर है। इसमें मौजूद एंटीबॉडी और प्रोटीन न केवल मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करते हैं, बल्कि दस्त जैसी पुरानी समस्याओं से भी राहत दिलाते हैं।

खीस के फायदे
डॉक्टर के अनुसार, खीस में सामान्य दूध की तुलना में 4–5 गुना अधिक प्रोटीन और 10–15 गुना ज्यादा विटामिन A पाया जाता है। इसमें लेक्टोफेरिन जैसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा, खीस में मैग्नीशियम सहित कई दुर्लभ खनिज और हार्मोन बनाने वाले पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। अधिक एंटीबॉडी होने की वजह से यह शरीर को संक्रमण से बचाता है और रक्त में इंसुलिन के स्तर को संतुलित कर मधुमेह रोगियों को भी लाभ पहुंचाता है।
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खीस कैसे तैयार करें
गाय या भैंस के पहले दूध को एक बर्तन में लेकर धीमी आंच पर पकाएं।
स्वाद के लिए आप इसमें चीनी या गुड़ मिला सकते हैं। डायबिटीज के मरीज इसे बिना चीनी ही लें।
खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर डाल सकते हैं।
जैसे ही दूध उबलने लगे, यह पनीर की तरह दानेदार हो जाएगा।
इसके बाद आप खीस को हल्का गर्म या ठंडा करके खा सकते हैं।

किन लोगों को खीस नहीं खाना चाहिए?
हालांकि खीस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
लैक्टोज इन्टॉलरेंस (Lactose Intolerance) वाले लोग: खीस में थोड़ी मात्रा में लैक्टोज मौजूद होती है, जिससे कुछ लोगों को पेट में गैस या दस्त की समस्या हो सकती है।
बच्चों या शिशुओं में डॉक्टर की सलाह के बिना: नवजात या छोटे बच्चों को खीस देने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
गंभीर डायबिटीज रोगी: डायबिटीज वाले लोग खीस में अगर चीनी या अन्य स्वीटनर मिलाएं तो यह नुकसानदेह हो सकता है।
दूध या डेयरी से एलर्जी वाले लोग: जो लोग दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जिक हैं, उन्हें खीस खाने से बचना चाहिए।


