रोज़ सुबह नाश्ते में खाई जाने वाली ये चीज़ बन रही है साइलेंट किलर!
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 10:36 AM (IST)

नारी डेस्क: मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते खान-पान की आदतें तेजी से बदल रही हैं। अक्सर हम बिना सोचे-समझे अपने नाश्ते में ऐसी चीजें खा लेते हैं जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं। हाल ही में एक्सपर्ट्स ने एक खतरनाक सच बताया है कि रोज़ सुबह नाश्ते में खाई जाने वाली कुछ आम चीजें, जो हम बिना जांचे-परखे खाते हैं, ‘साइलेंट किलर’ साबित हो रही हैं और युवाओं में आंतों के कैंसर यानी Colon Cancer के बढ़ते खतरे का कारण बन रही हैं।
कैसे बन रही है ये चीज़ ‘साइलेंट किलर’?
बहुत से लोग नाश्ते में प्रोसेस्ड और जंक फूड का सहारा लेते हैं जैसे कि पैकेज्ड ब्रेड, बेक्ड स्नैक्स, या ज्यादा तली हुई चीजें। इनमें हानिकारक केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो धीरे-धीरे हमारे पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है और ये हानिकारक तत्व आंतों की दीवारों को खराब कर सकते हैं। इससे कैंसर जैसी घातक बीमारियां जन्म लेती हैं, जिसे अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं।
युवाओं में बढ़ रहा है खतरा
पहले Colon Cancer ज्यादातर बुजुर्गों में देखा जाता था, लेकिन आजकल यह बीमारी तेजी से युवाओं के बीच भी फैल रही है। खराब खान-पान, तनाव, और गलत लाइफस्टाइल के कारण युवाओं का पाचन तंत्र कमजोर हो रहा है। एक्सपर्ट बताते हैं कि नाश्ते में रोजाना खाने वाली कुछ आदतें, जैसे ज्यादा मीठा, तला-भुना, और जंक फूड का सेवन, इस बीमारी के बढ़ने का बड़ा कारण हैं।
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शरीर के 5 संकेत जो कभी न करें अनदेखा
अगर आपके पाचन तंत्र में कोई समस्या लगातार बनी रहती है, तो उसे हल्के में न लें। खासकर अगर आप इनमें से कोई लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
लगातार कब्ज या दस्त
पेट में लगातार दर्द या सूजन
मल में खून आना या रंग में बदलाव
वजन घटना या भूख कम लगना
थकान और कमजोरी महसूस होना
ये सभी संकेत आंतों की गंभीर बीमारी का हिस्सा हो सकते हैं।
नाश्ते में क्या खाएं, क्या बचाएं?
स्वस्थ रहने के लिए नाश्ते में ताजा फल, सब्जियां, दलिया, और होल ग्रेन ब्रेड लेना बेहतर होता है। प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें। ज्यादा तला-भुना या मैदा वाला नाश्ता जैसे पारंपरिक समोसा, पकौड़े आदि कम खाएं। कोशिश करें कि हर दिन पर्याप्त मात्रा में फाइबर लें, जिससे पाचन तंत्र सही तरीके से काम करे।
समय रहते जांच कराना जरूरी
आंतों का कैंसर जल्दी पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है। इसलिए 40 साल से ऊपर के लोग या जिनके परिवार में किसी को कैंसर की history हो, उन्हें नियमित रूप से कोलोनोस्कोपी और अन्य जांच करानी चाहिए। युवाओं को भी किसी भी अनियमितता या असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हमारी रोजमर्रा की आदतें हमारी सेहत तय करती हैं। छोटी-छोटी गलत आदतें ही बड़ी बीमारी का कारण बन सकती हैं। इसलिए अपने नाश्ते का चुनाव सोच-समझकर करें, हेल्दी खाएं और अपने शरीर के संकेतों को कभी नज़रअंदाज न करें। याद रखें, आपकी छोटी सावधानी आपकी जिंदगी बचा सकती है।